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Shamli News: बच्चों को दिया दाखिला या नहीं होगी पड़ताल

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आरटीई के तहत स्कूल संचालक की चल रही है मनमानी
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-शासन ने बच्चों का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करने के दिए निर्देश

संवाद न्यूज एजेंसी



शामली। शिक्षा के अधिकार के तहत कांवेंट स्कूल में पढ़ रहे गरीब बच्चों का ब्योरा जल्द ही पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। विभाग अब बच्चों की निगरानी कराने के साथ ही शासन के फंड के उपयोग की पड़ताल कराएगा। इस निगरानी के तहत स्कूल और छात्र से जुड़ी जरूरी जानकारी पोर्टल पर एक जुलाई को अपडेट की जाएगी। साथ ही शासन को भी जानकारी भेजनी होगी। इसके बाद पता चलेगा कि किन-किन स्कूलों ने बच्चों को दाखिला नहीं दिया है।

बताते चलें कॉन्वेंट स्कूल शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों का प्रवेश लेने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने अब स्कूल और बच्चों से जुड़ी जानकारियां पोर्टल पर अपलोड कराने की योजना बनाई है। शिक्षा विभाग कुछ अहम बिंदुओं को ध्यान में रखकर डाटा एकत्र करेगा, जिसमें स्कूल की स्थिति, उपस्थित का प्रतिशत, फंड का सही उपयोग सहित कई अन्य बिंदुओं को शामिल किया गया है। सूत्रों की मानें तो हर महीने डाटा अपलोड कराने से स्कूलों की मनमानी के साथ ही बच्चों की सही आर्थिक स्थित और तमाम जानकारियां मिलेंगी। बता दें कि जनपद में पहली लॉटरी में 340 और दूसरी लॉटरी में 763 बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए चयन किया गया था। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारियों को लेटर जारी करते हुए उनका दाखिला कराने के आदेश दिए थे और लेटर अभिभावकों को सौंप दिए गए थे।
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आज भी प्रवेश पाने को भटक रहे अभिभावक

भले ही आरटीई को लेकर विभाग नये-नये नियम बना रहा हो, लेकिन नवीन सत्र शुरू होने के करीब एक माह बाद भी अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश कराने के लिए भटकते दिखाई दे रहे हैं। जिला समन्वयक अमित कुमार का कहना है कि विभाग ने जितने भी आदेश प्रवेश के लिए जारी किए हैं, किसी भी दशा में स्कूलों को उनका प्रवेश कराना ही होगा। अन्यथा विभाग ऐसे स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। तीसरी लॉटरी 26 जून को निकाली जाएगी। लॉटरी निकलने के बाद ही पता चलेगा कि कितने बच्चों का दाखिला हुआ है। वहीं एक जुलाई से सभी बच्चों के दाखिला की जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर देंगे। जो स्कूल बच्चों को दाखिला नहीं देगा, उसपर कार्रवाई की जाएगी।
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इनका कहना

स्वाति का कहना है कि पहले तो उनके बेटे को नर्सरी कक्षा में स्कूल प्रबंधन ने दाखिला देने से मना कर दिया था, लेकिन बाद में बीएसए को शिकायत की गई तो स्कूल को नोटिस भेजा गया। इसके बाद उनके बच्चे का दाखिला स्कूल में हो सका।
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नगमा ने बताया कि पहली कक्षा के लिए आरटीई के तहत आवेदन किया था और उनकी बेटी पहले सिल्वर बेल्स स्कूल में पढ़ती थी, लेकिन दूसरे स्कूल में उनका नंबर आ गया। वहां दाखिला देने के लिए कई बार चक्कर लगाए। बाद में खंड शिक्षा अधिकारी ने दाखिला कराया।

रॉक गोल्ड एकेडमी की प्रधानाचार्य अनीता सिवाच का कहना है कि उनके यहां जिन भी बच्चों के आवेदन आरटीई के तहत आए सभी को स्कूल में प्रवेश दे दिया गया है।
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