शामली। मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। आंधी के साथ हुई बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दोपहर बाद चली आंधी से शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार सुुबह से दोपहर तक मौसम साफ रहा और धूप निकली। दोपहर तीन बजे के बाद आकाश में बादल छा गए और धूल भरी आंधी चलने लगी। अचानक आई आंधी से अंधेरा छा गया, जिस कारण लोगों को अपने वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा।
आंधी चलने के कारण शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शाम चार बजे के लगभग बूंदाबांदी शुरू हो गई। आधा घंटे की बूंदाबांदी से जहां एक तरफ लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग कार्य कार्य प्रभावित हो गया। जिससे किसान काफी परेशान नजर आए। आंधी से बागों में आम की फसल को नुकसान पहुंचा है। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। चार किमी प्रति घंटा हवा और आर्द्रता 35 प्रतिशत दर्ज की गई है।
उधर, मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को आकाश में बादल छाने और बूंदाबांदी होने की संभावना है। उधर, विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर ने बताया कि आंधी से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। खंभों और तारों को क्षति पहुंची है। जल्द ही उन्हें ठीक करा दिया जाएगा।
वहीं, शामली कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. पीके सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव आया है। उधर, उप कृषि निदेशक रामवीर उपाध्याय ने बताया कि आंधी आने से खेतों में गेहूं की थ्रेसिंग से भूूसा उड़ गया है। बूंदाबांदी से गेहूं के दाने भीगने से पांच प्रतिशत से लेकर दस प्रतिशत तक नुकसान पहुंचा है।