कैराना/शामली। जिले में जानलेवा बुखार फैलने से लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है। बुखार से लगातार मौतें हो रही हैं। इसके चलते शुक्रवार को शासन के निर्देश पर लखनऊ से आई स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की टीम ने कैराना, कांधला और ऊन क्षेत्र में भ्रमण किया। सरकारी अस्पताल पहुंचकर मलेरिया के मरीजों के बारे में जानकारी ली। साथ ही उचित चिकित्सा सेवाओं के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
शुक्रवार को लखनऊ से डाक्टर आरके पटेल संयुक्त निदेशक मलेरिया, एमपी कठेरिया स्टेट प्रयोगशाला प्रभारी लखनऊ, अमित कुमार शुक्ला प्रयोगशाला प्राविधिक लखनऊ शामली पहुंचे। यहां से जिला मलेरिया अधिकारी डाक्टर विनय कुमार और इंस्पेक्टर शमीउल्ला खान के साथ कैराना स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने फेल्सीपेरम मलेरिया के मरीजों की स्लाइडों के बारे में जानकारी ली।
टीम मलेरिया की कुछ स्लाइडें भी अपने साथ लखनऊ ले गई। डाक्टर आरके पटेल ने बताया कि उनके आने का उद्देश्य पिछले माह जिले में मलेरिया के अलावा फेल्सीपेरम मलेरिया के मामलों को लेकर है। सितंबर माह के दौरान जिले में 39 तथा अकेले कैराना क्षेत्र में 12 मरीज पाए गए। इससे पूर्व एक भी मामला नहीं था। इसके लिए उन्होंने स्लाइडें ली हैं, जिनकी जांच लखनऊ प्रयोगशाला में की जाएगी।
कैराना क्षेत्र में पिछले माह में 4110 मरीजों की जांच में 119 साधारण मलेरिया व 12 मरीज फेल्सीपेरम मलेरिया के थे, जिनका उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि एक साथ जिले में इतने मरीज मिलना चिंता का विषय है। इसके लिए शासन स्तर से रोकथाम के प्रयासों के तहत उनकी टीम आई है। डाक्टर पटेल ने जनता को सलाह दी कि बुखार होने पर मरीज सरकारी अस्पताल या किसी एमडी या एमबीबीएस डाक्टर के पास ही इलाज कराएं।