अभी भी जनपद की तीनों शुगर मिलों पर 560.99 करोड़ बकाया
शामली। किसान कर्ज के बोझ में दबे हैं। पूरे साल में गन्ना, गेहूं और धान की बिक्री से लगभग 1231.94 करोड़ रुपये किसानों को मिले, लेकिन इससे भी कर्ज नहीं उतर सका। वर्तमान में किसानों पर 1910 करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि शुगर मिलों पर किसानों को 560.99 करोड़ रुपये बकाया हो गया है।
प्रदेश सरकार ने इस बार भी गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी नहीं की है। किसानों को उम्मीद थी कि गन्ना मूल्य बढ़ेगा तो उनकी आमदनी बढ़ेगी और इससे उनके ऊपर जो कर्ज का बोझ है वह कुछ कम हो जाएगा। किसान कर्ज के बोझ में दबे हुए हैं। जिले के किसानों पर 1910 करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि पूरे साल में उन्हें 1231.94 करोड़ रुपये का भुगतान बीते एक वर्ष में हुआ है। इसमें गन्ने से 1195.59 करोड़ है, जबकि गेहूं का 34.43 और धान का 1.92 करोड़ रुपये का भुगतान शामिल है। किसानों को समय पर भुगतान मिलता रहता है तो वे कुछ कर्ज अदा करते रहते, लेकिन थोड़ा-थोड़ा भुगतान मिलता रहा है और किसानों का कर्ज जस का तस रहा। पिछले पेराई सत्र का भी अभी शामली शुगर मिल पर 15 करोड़ और थानाभवन पर छह करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है, जबकि नया बकाया और बढ़ता जा रहा है।
1.39 लाख कृषि कार्डधारक
शामली। जिले में कृषि कार्डधारकों की संख्या भी बढ़ी है। तीन माह पहले तक जिले में एक लाख 24 हजार 300 कृषि कार्ड बने हुए थे। अग्रणी जिला प्रबंधक शैलेष कुमार ने बताया कि वर्तमान में कृषि कार्डधारक किसानों की संख्या एक लाख 39 हजार हो गई है।
जिले में कुल कृषि ऋण: 1910 करोड़
बीते वर्ष मिला गन्ना भुगतान: 1195 करोड़
गेहूं से हुआ भुगतान: 34.43 करोड़
धान का भुगतान: 1.92 करोड़
वर्तमान में शुगर मिलों पर बकाया: 560.99 करोड़
मिलें-- गन्ना खरीद लाख क्विंटल - बकाया करोड़ रुपये में
1- शामली - 61.17 - 169.55 -
2- ऊन - 61.52 -164.82 -
3- थानाभवन- 81.82 - 226.62
कुल योग- 204.51 - 560.99 -