शामली जनपद में बृहस्पतिवार से अधूरी तैयारी के साथ यूपी बोर्ड मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। केंद्र पर अभी तक सभी विषयों की कापी नहीं पहुंच सकी है। इलाहाबाद और वाराणसी की कुछ विषयों की ही कापी पहुंच सकी है। मूल्याकंन केंद्र पर पहले दिन ही 17 डिप्टी हेड अनुपस्थित रहे।
बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन कार्य के लिए बने केंद्र आरके इंटर कॉलेज पर अधूरी तैयारी के साथ मूल्यांकन कार्य शुरू हुआ। सभी परीक्षकों ने सुबह ही मूल्यांकन केंद्र पर पहुंचकर अपने अपने नियुक्ति पत्र प्राप्त किए। कॉपी के लिए चार कोठार बनाएं गए है। जिसमें दो कोठार हाईस्कूल और दो कोठार इंटर के बनाएं गए है। जिन पर दो-दो प्रभारी नियुक्त किए गए है। सभी प्रभारी कोठारों पर आई हुई कॉपियों को निकाल कर विषय के अनुसार अलग अलग लगाकर उसकी सूची तैयार करते रहे।
मूल्यांकन कार्य के पहले दिन तक भी सभी परीक्षकों के नियुक्ति पत्र पूरी तरह वितरित नही हो सके। जिसमें 11 कॉलेजों के परीक्षकों के नियुक्ति पत्र अभी तक नहीं बंट सके। इसके साथ ही 58 डिप्टी हेड में से 17 डिप्टी हेड अनुपस्थित रहे। उप सह नियंत्रक श्रवण तोमर ने बताया कि शुक्रवार से पूर्ण रुप से सुबह 9 बजे से मूल्यांकन कार्य शुरु कर दिया जाएगा। पहले दिन डिप्टी हेड्स ने अपने ग्रुपों में 5 से 7 आदर्श कॉपी चेक कर परीक्षकों को जानकारी दी है कि किस प्रकार से कापी चेक करनी है।
डीआईओएस ने डिप्टी हेड्स को दिए दिशा निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक एसएम सिद्दीकी ने केंद्र पर पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी डिप्टी हेड को मूल्यांकन से संबंधित सभी दिशा निर्देश दिए। कहा कि गणित और विज्ञान की कापी में यदि बांये पृष्ठ पर भी किसी बच्चे ने उत्तर लिखा है तो उसका भी मूल्यांकन किया जाएं। एक परीक्षक द्वारा एक दिन में केवल हाईस्कूल की 50 और इंटर की 50 कॉपी का ही मूल्यांकन किया जाएं। मूल्यांकन के बाद कॉपी के प्रथम पेज पर खंडवार अंक और प्रश्न के साथ अंकों का योग शब्दों में और अंकों में साफ शब्दों में लिखा जाएं। अशुद्ध हल पर शून्य अंक दिया जाएं। किसी भी विषय में 90 प्रतिशत अंक से ऊपर आने पर सभी परीक्षक एक बार कापी का मूल्यांकन अपने अपने डिप्टी हेड से जरूर कराएं। उन्होंने नियमों के खिलाफ मूल्यांकन कार्य करने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
हाईस्कूल की 57 और इंटर की 35 हजार कापी पहुंची
उप नियंत्रक लोकेंद्र तोमर ने बताया कि केंद्र पर हाईस्कूल की 85 हजार और इंटर की एक लाख 12 हजार कापियों का मूल्यांकन किया जाना है।अभी तक हाईस्कूल की 57 हजार और इंटर की 35 हजार कॉपी पहुंच चुकी है। हाईस्कूल के कोठार में अंग्रेजी की 15823, चित्रकला की 12494, संस्कृत की 2499 कॉपी आई है। कोठार नंबर चार पर उर्दू की 278, गणित की 8271, गृह विज्ञान 8316 एवं विज्ञान की 16386 कॉपी पहुंची है। इंटरमीडिएट में कोठार एक पर भौतिक विज्ञान की 9799, जीव विज्ञान की 2530 और रसायन विज्ञान की 9355 कॉपी पहुंची। कोठार नंबर तीन पर अन्य विषयों की लगभग 13 हजार कॉपी पहुंच चुकी है।
शिक्षकों ने किया मूल्यांकन का बहिष्कार
शामली। मानदेय नहीं मिलने पर माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के आह्वान पर शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया। गुस्साए शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा और मानदेय दिलाए जाने की मांग की। बृहस्पतिवार से जनपद में यूपी बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन कार्य शुरू होना था। जिसके लिए वित्तविहीन शिक्षकों को भी तैनात किया गया था। पहले दिन ही वित्तविहीन शिक्षकों ने मानदेय की दूसरी किस्त का पूरा पैसा न मिलने के कारण डीआईओएस कार्यालय पर धरना दिया। मानदेय नहीं मिलने से गुस्साए शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य नहीं किया। प्रदेश संगठन मंत्री रामपाल सिंह ने डीआईओएस एसएम सिद्दीकी को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द पूरा मानदेय दिलाने की मांग की है।
धरने को संबोधित करते हुए राजवीरी चौहान ने बताया कि वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय की दूसरी किस्त का 56.84 प्रतिशत पैसा ही मिल पाया है जबकि अन्य जिलों में पूरा पैसा मिल चुका है। पूरा मानदेय नहीं मिलने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान श्रवण कुमार, फूल कुमार, रेणुका शर्मा, रविंद्र सैनी, विरेंद्र, सुरेंद्र, राजबाला, रीना, अनिल कुमार, ललिता, सुमन, राजेश्वरी, मिंटो आदि मौजूद रहे।