शामली। डाक कांवड़ियों का सैलाब सड़क पर उतर आया। बुधवार रात से बृहस्पतिवार रात तक कांवड़ मार्ग पर बाइकों, मिनी ट्रक और बोलेरो आदि वाहनों से डाक कांवड़ लाने वाले युवा दौड़ते रहे।
बाइक सवार तेज रफ्तार में फर्राटा भरते और सीटी बजाते हुए चलते रहे। वाहनों पर लगे डीजे से भोले के भजनों पर झूमते हुए कांवड़िया चल रहे हैं। इससे कांवड़ यात्रा मार्ग पर पूरे दिन धूम धड़ाका रहा। डाक और पैदल कांवड़ मिलाकर करीब दो लाख कांवड़िया शामली से होकर निकले।
डाक कांवड़ लाने वालों में कुछ युवकों ने अपना समय निर्धारित कर रखा था, तो काफी संख्या में डाक कांवड़ में भोले की इच्छा पर निर्भर बताया गया। डाक कांवड़ियों को देखने के लिए सड़कों पर हुजूम उमड़ पड़ा।
डाक कांवड़ लाने वालों में हरिद्वार से भावड़ 20 घंटे, हरिद्वार से मोठ 22 घंटे, हरिद्वार से खैरकला 14 घंटे, हरिद्वार से फतेहाबाद 21 घंटे, हरिद्वार से राजस्थान के झुंझनू के लिए 40 घंटे, हरिद्वार से भाकूकला 23 घंटे, हरिद्वार से जमालपुर 21 घंटे, हरिद्वार से किशनपुरा 21 घंटे, हरिद्वार से रोहतक 21 घंटे, हरिद्वार से फतेहाबाद 26 घंटे, हरिद्वार से रोहतक के चकडौली के लिए 14 घंटे, हरिद्वार से पुट्टी सहवाण के लिए 18 घंटे, हरिद्वार से उलायन 25 घंटे निर्धारित कर कांवड़िया दौड लगा रहे थे।
वहीं, मोटरसाइकिल सवार शिवभक्तों का भी पूरे दिन सैलाब उमड़ा रहा। साइलेंसर निकालकर तेज आवाज वाली मोटरसाइकिलें भी खूब दौड़ती नजर आई। नगरपालिका परिषद के कांवड़ मेला प्रभारी ने बताया कि एसटी तिराहे पर कराई गई गणना के मुताबिक दस दिनों में 85 हजार पैदल कांवड़िया शामली से होकर निकले।
इसके अलावा बृहस्पतिवार रात सात बजे तक ही डाक कांवड़ियों के 850 वाहन निकले। रात तक डाक कांवड़ियों के आने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा। वहीं, पैदल कांवड़ियों के लिए सड़क के बाई तरफ रस्सी बांधकर बेरिकेडिंग की गई थी। हालांकि बृहस्पतिवार को डाक कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने पर बेरिकेडिंग हटानी पड़ गई। सड़क पर डाक कांवड़ियों का कब्जा हो गया था। शहर के आर्यपुरी सहित कई स्थानों पर गलियों के कट को बेरिकेडिंग कराकर फिर बंद करा दिया गया। क्योंकि गलियों से निकलने वाले वाहनों के कारण अव्यवस्था हो सकती थी।