संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज।
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शामली में सकल समाज की ओर चल रही श्रीराम कथा का रविवार को विशाल भंडारे के साथ समापन हो गया। संत प्रवर ने कहा श्रीराम कथा अमृत के समान है। परमार्थ की कथा है। कथा के सुनने से मनुष्य को आनंद व मोक्ष की प्राप्ति होती है।
संत प्रवर विजय कौशल जी महाराज ने पंचवटी कथा से लेकर रावण वध की सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। महाराज श्री बताते हैं कि रावण बड़ा ज्ञानी, शक्तिशाली अहंकारी राजा था। अहंकार के कारण घर-परिवार में एकता नहीं बना पाया। लोगों को घर-परिवार और भाई-भाई की एकता व प्यार पर जोर दिया है। जब तक मनुष्य जीवन है, तब श्रीराम कथा का श्रवण करते रहना चाहिए। गुरू ही श्रीराम कथा और भगवान का मार्ग दिखाते हैं। जीवन को सरल बनाने के लिए श्रीराम कथा का श्रवण आवश्यक है।
शुभारंभ से पूर्व पंडितों द्वारा विधि विधानों से मुख्य यजमानों को हवन पूजन संपन्न कराया। समापन पर नवीन मंडी स्थल पर विशाल भंडारा आयोजित किया गया है जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, चरत बंसल, डीआईजी विजय गर्ग, जिला जज ओएसडी राधेश्याम यादव, भाजपा विधायक कपिल देव अग्रवाल, श्रीनिवास, मनोज, अजय गर्ग, श्रीपाल गोयल, रविकांत गर्ग, नरेश गर्ग, आदीश जैन, ओमप्रकाश वर्मा, विनोद कुमार सिंघल आदि मौजूद रहे।