शामली। नागरिकता संशोधन कानून समेत कई मुद्दों को लेकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने पर सपाइयों ने पार्टी के जिला कार्यालय पर ही सभा की। दफ्तर के बाहर एसडीएम, सीओ पुलिस और पीएसी का पहरा रहा।
सपा ने अपना धरना प्रदर्शन कलक्ट्रेट में करने का एलान किया था, लेकिन प्रशासन से इसकी अनुमति नहीं मिली थी। लिहाजा पुलिस ने सुबह ही कलक्ट्रेट आने वाले मार्गों पर पुलिस बल तैनात कर दिया था, बाद में सपाइयों ने कलक्ट्रेट से कुछ दूर मुजफ्फरनगर हाईवे पर स्थित सपा कार्यालय पर ही एकत्रित होकर सभा की। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर पंवार, जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, थानाभवन से पूर्व सपा विधायक किरणपाल कश्यप के नेतृत्व में हुई सभा में भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार को कोसा गया। वक्ताओं ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश को धर्म के नाम पर बांटने का काम हो रहा है। पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार अपनी जिद पर अड़ी है। महंगाई बढ़ रही है, लेकिन भाजपा सरकार गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा रही। किसान का पिछले साल का गन्ना भुगतान अभी तक नहीं हुआ।
वक्ताओं ने कहा कि बिजली दरों में बढ़ोत्तरी कर दी गई। प्रदूूषण के नाम पर किसानों पर पराली जलाने पर मुकदमे कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। कालेजों में छात्रों की फीस बढ़ा दी गई। समाज का हर वर्ग त्रस्त है। बाद में वक्ताओं ने अपने कार्यालय से बाहर आकर वहां मौजूद एसडीएम सदर को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया। सभा के दौरान सपा नेता शेर सिंह राणा, मांगेराम, जावेद जंग, मांगेराम मलिक, उमेश प्रधान, अशफाक कुरैशी, अनिल खेड़ा ,नामित पंवार, नवेद अली, उमेर फारुखी, अजीम इकबाल, आशिम चौधरी, अहसान राणा आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।
गुपचुप ढंग से गन्ने की पत्ती जलाई
शामली। ज्ञापन देने के बाद सपा दफ्तर के बाहर पहले से ही लाकर रखी गई गन्ने की पत्तियों में आग लगाकर विरोध जताया गया और सपाइयों ने नारेबाजी की भी। हालांकि ये काम बेहद गुपचुप ढंग से किया गया। इसे देख अधिकारी नाराज भी दिखे।
हंगामे की आशंका के चलते सपा दफ्तर की घेराबंदी
शामली। सपा कार्यालय पर सभा के दौरान पुलिस प्रशासन ने पूरे सपा कार्यालय की घेराबंदी कर ली थी। एसडीएम संदीप सिंह के नेतृत्व में आदर्श मंडी और कोतवाली की पुलिस बल के अलावा भारी मात्रा में पीएसी लगा दी गई थी। कई महिला कांस्टेबल भी वहां लगा दी गई थी। दरअसल सपा कार्यालय मुजफ्फरनगर हाईवे पर ऑन रोड था। पुलिस को आशंका थी कि कहीं सभा के बाद सपाई हाईवे पर आकर जाम ना लगा दें, लिहाजा पूरी तैयारी की गई थी। हालांकि सब कुछ शांति से निबट गया। सभी सपाइयों के वहां से जाने के बाद ही पुलिस फोर्स गया।
...वीडियोग्राफी भी करती रही पुलिस
किसी भी हंगामे की आशंका के चलते पुलिस कर्मियों को वीडियोग्राफी की भी हिदायत दी गई थी। पुलिसकर्मी धरनास्थल पर सादी वर्दी में तैनात थे और अपने मोबाइल से सभा में बोल रहे वक्ताओं की भी वीडियो बना रहे थे। इसके अलावा महिला पुलिस कर्मियों को वीडियो कैमरा भी दिया गया था।
ये रहीं प्रमुख मांगें
- नागरिकता संशोधन कानून की वापसी
- दुष्कर्मियों को 30 दिन में सजा का प्रावधान
- ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का मुआवजा
- गन्ने का भाव 450 रुपये क्विंटल, 14 दिन में भुगतान
- बंद शुगर मिलों को जल्द चालू करें।
- प्रदूषण के नाम पर किसानों पर मुकदमे बंद हों, दर्ज केस वापस हों।
- आलू की लागत के अनुसार समर्थन मूल्य घोषित करें
- बिजली दर, छात्रों की बढ़ी फीस वापस हो।
- महंगाई पर नियंत्रण लगाए सरकार।