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Shamli News: कहीं स्कूल पर लटके ताले, कहीं भोजनमाता के हाथों में पढ़ाई की कमान

Fri, 04 Sep 2026 01:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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कांधला नगर के प्राथमिक विद्य्रालय नंबर एक के मुख्य गेट पर लटका ताला। संवाद
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शामली। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के सरकारी दावों की जमीनी हकीकत अलग ही है। कांधला नगर में बुधवार को स्कूलों में कहीं ताले लटक मिले तो कहीं शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई व्यवस्था भगवान भरोसे मिली। कई विद्यालय किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं और कुछ स्कूलों में एक-एक शिक्षामित्र के सहारे बच्चों की पढ़ाई चल रही है। यह तस्वीर सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और जिम्मेदारों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
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स्कूल पर लटका मिला ताला

प्राथमिक विद्यालय बालक नंबर एक और प्राथमिक विद्यालय कन्या नंबर तीन के मुख्य गेट पर सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर ताला लगा मिला। स्कूल के पास मिली छात्रा नव्या ने बताया कि उन्हें तीन सितंबर को स्कूल खुलने के लिए बोला था, स्कूल बंद रहने का कारण नहीं बताया गया। स्कूल के बाहर और अंदर गंदगी से बुरा हाल मिला।
आइसक्रीम फैक्टरी में बंद मिला स्कूल

आइसक्रीम फैक्टरी में एक बड़े कमरे में किराए के भवन में चल रहा प्राथमिक विद्यालय नंबर दो और कन्या विद्यालय नंबर दो स्कूल के गेट पर भी नौ बजकर चार मिनट पर ताला लटका मिला। जबकि स्कूल का समय सुबह आठ बजे खुलने का है। स्कूल का यह भवन भी जर्जर अवस्था में है। बाहर मिले एक बच्चे ने बताया कि शिक्षिका नूतन ने आज की छुट्टी बता रखी है।
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एक शिक्षामित्र के भरोसे स्कूल
कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय बालक नंबर सात कंपोजिट प्राथमिक विद्यालय नंबर सात भी नगर पंचायत की जगह में किराए पर चल रहा है। स्कूल में 225 बच्चे पंजीकृत है, मौके पर लगभग 150 बच्चे मिले। स्कूल में प्रभारी शिक्षामित्र राजेंद्र ही एक कक्षा को पढ़ाता मिला। कुछ बच्चे जमीन पर तो कुछ बेंच पर बैठे मिले। शिक्षक ने बताया कि दूसरी शिक्षिका अमरेश सैनी आज छुट्टी पर है।

शिक्षक की बेटी और भोजन माता करा रही पढ़ाई
प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन सुबह की पाली में खुला मिला। जबकि कन्या नंबर पांच शाम की पाली में चलता है। सुबह की पाली में प्रभारी शिक्षक नईम स्कूल में नहीं मिले। मौके पर उनकी बेटी बरामदे में बच्चों को पढ़ाई करा थी, वहीं दो कमरों में अन्य महिलाएं बच्चों को पढ़ा रही थी, पूछने पर बताया कि वह भोजन माता हैं। स्कूल के एक टॉयलेट में लकड़ी भरी हुई थी।

बाहर बोर्ड नहीं, मकान में ऊपर चल रहे दो स्कूल
प्राथमिक विद्यालय बालक नंबर पांच और प्राथमिक विद्यालय नंबर छह एक पुराने भवन में ऊपरी मंजिल में चलता मिला। स्कूल में लगभग तीन-तीन छोटे-छोटे कमरे है। प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि स्कूल में 120 बच्चे पंजीकृत है, लेकिन मौके पर 30 मिले। बताया कि द्वितीय पाली में दीपमाला है, जो आज छुट्टी पर है और स्कूल बंद रहेगा। स्कूल इसी भवन किराए पर वर्ष 1965 से संचालित है। मौके पर बच्चों को भोजन माता सोनम भी पढ़ाती मिली।

बोले अभिभावक

अभिभावक अनीस ने कहा कि एक-एक शिक्षक के भरोसे स्कूल चल रहे हैं। सोमवार को बच्चों को केले बांटे जाते हैं, लेकिन बच्चों को केवल एक केला मिलता है, बाकी बचे हुए शिक्षक थैले में डालकर ले जाते हैं।
अभिभावक वकील का कहना है कि नगर में शिक्षकों की कमी हैं, तैनाती होनी चाहिए। स्कूल का अपना भवन होना चाहिए। लापरवाही के चलते सरकारी स्कूलों से बच्चों की संख्या घटती जा रही हैं।

महिला शिक्षिकाओं को ललाई छठ का अवकाश दिया गया था, लेकिन स्कूल बंद रखने का कोई निर्देश नहीं था। जहां केवल महिला शिक्षिका तैनात है उन स्कूलों में बीईओ का अन्य स्कूलों से पुरुष शिक्षकों की व्यवस्था करते हुए स्कूल खुलवाने चाहिए थे। स्कूल बंद रखने का कारण पूछते हुए कार्रवाई की जाएगी। - संतोष कुमार, बीएसए

कांधला नगर के प्राथमिक विद्य्रालय नंबर एक के मुख्य गेट पर लटका ताला। संवाद

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