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स्कूलों में कहीं कबाड़ में तो कहीं स्टोर रूम में पड़े अग्निशमन यंत्र

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बाबरी क्षेत्र के गांव गोगवान जलालपुर प्राथमिक में रेत की बाल्टियों में भरा कूड़ा। - फोटो : SHAMLI
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शामली। मिड डे मील योजना के तहत स्कूलों में ही ताजा भोजन तैयार कर बच्चों को खिलाना होता है। जब यह योजना शुरू हुई तो कई स्कूलों में खाना बनाते वक्त आगजनी के हादसे हुए, जिसमें स्कूली बच्चों की मौत तक हुई। जिसके चलते शासन ने वर्ष 2009 में सभी स्कूलों में अग्निशमन यंत्र की अनिवार्यता करते हुए बजट जारी कर दिया। इसके तहत एक स्कूल में दो - दो सिलेंडर (फायर एक्सटिंग्विशर), दो रेत भरकर रखने और दो पानी भरकर रखने के लिए बाल्टियां खरीदवाई गई थी। लेकिन इसके बाद एक या दो बार ही सिलेंडर में दोबारा गैस भरने के लिए विभाग से बजट जारी हुआ और इसके बाद किसी ने इसकी सुध नहीं ली। वर्तमान में जिले के ज्यादातर परिषदीय स्कूलों में अग्निशमन यंत्रों को या तो रसोईघर की किसी अलमारी में रखा हुआ है या फिर बेकार समझकर स्टोर रूम में डाल रखा है। अधिकांश अग्निशमन यंत्र तो खराब ही पड़े हैं। जिन स्कूलों में ठीक हैं, तो उनके किसी प्रधानाध्यापक को ही अग्निशमन यंत्र चलाने की जानकारी है। ऐसे में परिषदीय स्कूलों में रखे अग्निशमन यंत्र सिर्फ दिखाने के लिए रखे गए गए हैं। कोई दुर्घटना हुई तो ये अग्निशमन यंत्र रखे ही रह जाएंगे। कोई भी आग की घटना पर काबू नहीं पा सकेगा। मंगलवार को जिले के स्कूलों की पड़ताल की तो ऐसे हालात मिले।
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स्टोर रूम में मिले अग्निशमन यंत्र
बधेव गांव के प्राथमिक स्कूल नंबर एक में अग्निशमन यंत्र स्टोर रूम में रखे मिले। पूछने पर सहायक अध्यापक नरेश ने इस बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सक। ऐरटी गांव के स्कूल में अग्निशमन यंत्र रसोई के बाहर रखे मिले।
अग्निशमन यंत्रों पर जमी थी धूल
प्राथमिक विद्यालय मुंडेट में अग्रिशमन यंत्र प्रधानाध्यापक के कक्ष में धूल फांक रहे थे। पूछने पर प्रधानाध्यापक ऋषिपाल ने बताया कि यदि सिलिंडर रसोई में रखेंगे तो आग लगने की दशा में यह भी जल जाएंग। इसलिए अपने कक्ष में रख रखा है।
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कई वर्ष पूर्व खत्म हो गई प्रयोग अवधि
शहर के मोहल्ला बरखंडी में प्राथमिक विद्यालय में अग्निशमन यंत्रों की प्रयोग अवधि कई वर्ष पूर्व ही खत्म हो चुकी है। इस बारे में पूछने पर शिक्षक कोई जवाब नहीं दे पाए। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि यदि आग लगी तो क्या होगा।
अग्निशमन यंत्रों में भरा कूड़ा कचरा
बाबरी क्षेत्र के गांव गोगवान जलालपुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में आग बुझाने के लिए सिलिंडर हैं । लेकिन रेत की रखी चार बाल्टियों में कूड़ा व खाली बोतलें रखी थी। इंचार्ज आदेश कुमार ने बताया कि सिलेंडर भरे हुए हैं। प्राथमिक विद्यालय लाडो मजरी के इंचार्ज विकास कुमार ने बताया कि चार सिलिंडर भरे तैयार रखे हुए हैं। आग लगने की दशा में इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
अग्निशमन यंत्र चलाना आसान
सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया परिषदीय विद्यालयों में अग्निशमन यंत्र ठीक न होना एवं चलाने की जानकारी न होना गंभीर मामला है। समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाता रहा है। विभाग प्रशिक्षण की मांग करता है तो तीनों तहसीलों में प्रशिक्षण की व्यवस्था कराई जाएगी।
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