शामली। परिषदीय स्कूलों में सत्र के पहले दिन बच्चों की संख्या पंजीकृत संख्या से काफी कम रही। वहीं कुछ स्कूलों में कम संख्या को देखते हुए बच्चों को न तो फल ही खिलाए गए और न ही मिड-डे मील बनवाया गया। कुछ स्कूलों में आठ बजे तक भी शिक्षक नहीं पहुंचे। कुछ स्कूलों में बच्चे ही खुद ही कमरों में बैठने की व्यवस्था बनाते नजर आए तो कुछ बच्चे अन्य कार्य करते नजर आए।
सत्र के पहले दिन परिषदीय स्कूलों में अव्यवस्थाओं का बुरा हाल रहा। अमर उजाला टीम ने सुबह स्कूल खुलने से लेकर दोपहर 12 बजे तक शामली नगर व गांव के कुछ स्कूलों में घूमकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिसमें नगर के मोहल्ला काजीवाड़ा में प्राथमिक विद्यालय नंबर-9 में 85 बच्चे पंजीकृत थे।
जिनमें से मौके पर आठ ही मिले। बच्चों से खाने और फल के बारे में मिलना पूछा तो मना कर दिया गया। जबकि इंचार्ज प्रधानाध्यापिका पूजा ने कहा कि खाना बनवाया था। वहीं प्राथमिक विद्यालय नंबर-3 में 40 पंजीकृत बच्चों में से पांच ही मौके पर मिले। स्कूल में बच्चों को न तो फल और न ही मिड-डे मील खिलाया गया। स्कूल की रसोई में भी गंदगी फैली हुई थी।
दोनों स्कूलों में ही बच्चे दुकानों से लाए हुए बिस्कुट और घर से लाए हुए रोटी के टिफिन से खाना खा रहे थे। इंचार्ज डोली ने बताया कि कम संख्या के कारण एमडीएम नहीं बनवाया। जिसके बाद मोहल्ला गुजरातियान में एक ही जगह पांच स्कूलों की व्यवस्था देखी गई। जहां पर गेट के पास कई बच्चें पढ़ाई छोड़कर हैंडपंप पर ही बाल्टी लेकर कार्यों में लगे हुए थे।
स्कूलों में कमरों के अंदर की सफाई मिली। बाहर परिसर में गंदगी फैली थी। प्राथमिक स्कूल नंबर 11 में 64 में से 10 बच्चे, प्राथमिक स्कूल नंबर 12 में 152 में से 68 बच्चे, प्राथमिक स्कूल नंबर-4 में 125 में से 56, प्राथमिक स्कूल नंबर-5 में 78 में से 15 बच्चे और जूनियर हाईस्कूल में 50 में से 19 बच्चे। सभी स्कूलों में मिड-डे मील बनवाया गया और फल के रुप में बच्चे आम खाते हुए मिले।
शिक्षकों का शिक्षण कार्य की ओर कोई ध्यान नहीं मिला। वहीं, माजरा रोड स्थित प्राथमिक स्कूलों में छात्राएं कमरों में बैठने की व्यवस्था के लिए टाट पट्टी को झाड़ती हुई मिली। गांव बधेव स्थित प्राथमिक स्कूल में आठ बजे तक भी स्कूल में तालाबंदी नजर आई। मुंडेट स्थित प्राथमिक स्कूल में भी बच्चों की संख्या काफी कम रही। गांव भनेड़ा जट में 108 बच्चों में से 47 बच्चे उपस्थित रहे।
जिन स्कूलों में ऐसी लापरवाही की गई है उन सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाध्यापकों को कम बच्चों के अनुसार ही मिड-डे मील बनवाना चाहिए था। सफाई के लिए भी पहले ही निर्देशित किया जा चुका था। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अनुराधा शर्मा, बीएसए शामली।