शामली। शामली और कैराना से कई आईएसआई एजेंटों के पकड़े जाने के बाद अब यूपी पुलिस से लेकर अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लीक कराने में भी शामली के सरगना सामने आ रहे हैं। पिछले चार साल से जिले के 15 से अधिक सॉल्वर गैंग के सरगना और सदस्यों को पकड़ा जा चुका है, जो यूपी के साथ-साथ हरियाणा, देहरादून में भी पेपर लीक कराने में आगे रहे। एसटीएफ और पुलिस की अभी तक की जांच में सामने आया है कि दो से लेकर तीन माह में अमीर बनने का सपना लेकर शामली और आसपास जिलों के युवा सॉल्वर गैंग की कमान संभाल रहे हैं। पुलिस और एसओजी ने कैराना से रिजवान निवासी तीतरवाड़ा, आसिफ निवासी अलीपुर, उस्मान निवासी मन्ना माजरा और सावेज निवासी जहानपुरा को गिरफ्तार किया है। जिनके स्थान पर अन्य को यूपी पुलिस का पेपर देना था। संवाद
चंद दिनों में बनना चाहते हैं अमीर
एसटीएफ एसपी बृजेश कुमार का कहना है कि जांच और पूछताछ में सामने आया है कि जो युवा गिरोह की कमान संभालता है, वह चंद दिनों में अमीर बनने के सपने देखता है। एक अभ्यर्थी से 5 से लेकर 9 लाख रुपये तक की डील की जाती है, जिससे वह लग्जरी लाइफ जीने का प्रयास करता है। सभी जिलों की पुलिस के सहयोग से पेपर लीक कराने वाले गिरोह पर शिकंजा कसा जा रहा है। गिरोह के सदस्यों को बख्शा नहीं जाएगा।
पिछले चार साल में यहां शिकंजे में आए शामली के सॉल्वर गैंग के सदस्य और सरगना...
वर्ष 2021 में यूपी टीईटी परीक्षा के दौरान शामली के सॉल्वर गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। मेरठ एसटीएफ ने 28 नवंबर 2021 को नाला निवासी रवि, झाल निवासी मनीष, बुटराडी निवासी धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था। जबकि इनका एक साथी शामली के ही नाला गांव का रहने वाला अजय फरार हो गया था। वर्ष 2022 में भी यूपी टीईटी परीक्षा में शामली के दो सॉल्वर गिरफ्तार किए गए थे। हाल ही में 16 फरवरी को एसटीएफ नोएडा ने झांसी में यूपी पुलिस का पेपर लीक कराने की कोशिश में कांधला के मोनू को गिरफ्तार किया, जो गिरोह का सरगना था। इसी तरह 8 फरवरी को एसटीएफ मेरठ ने पड़ोसी जिले बागपत से शामली के भाज्जू गांव के रहने वाले रचित चौधरी को गिरफ्तार किया। जो पेपर लीक कराने के साथ-साथ युवाओं को नौकरी लगवाने का भी झांसा देकर 5 से लेकर 10 लाख की ठगी करता था। इसी तरह अक्तूबर 2022 में शामली में प्रारंभिक पात्रता परीक्षा के दूसरे दिन ही पहली पाली में दो सॉल्वर पकडे़ गए थे। पहली पाली में कड़ी चौकसी व गहन तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को केंद्र के अंदर एंट्री दी गई थी।
देहरादून, हरियाणा में भी पेपर लीक कराने का किया प्रयास
एसटीएफ की अभी तक की जांच में सामने आया है कि शामली, बागपत और अन्य जिलों के कुछ युवाओं ने हरियाणा में जहां वेटनरी का पेपर लीक कराया वहीं देहरादून में एक पेपर लीक कराने का प्रयास किया था।
आईएसआई एजेंटों की पनाहगार रहा है जिला
शामली जिला आईएसआई एजेंट और हैंडलरों के लिए बदनाम है। यहां के कैराना का इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा, हमीदा और शाहिद आदि पाकिस्तान में जाकर बस गए और आईएसआई के हैंडलर बने हुए हैं। यही नहीं पाकिस्तान से ही देश में आईएसआई एजेंट तैयार करने में लगे हुए हैं। आईएसआई एजेंटों के कारण ही शामली जिले पर एक तरह से बदनुमा दाग लग रहा है।
समय-समय पर शामली के सॉल्वर गैंग के सदस्यों को छापामारी के बाद पकड़ा जाता है। सॉल्वर गैंग के फरार सदस्यों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कई गिरोह के सदस्यों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा चुका है।
-अभिषेक , एसपी शामली
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