शामली। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूर्ण हो गया है। इसके बाद प्रशासक की व्यवस्था लागू हो जाएगी। पांच साल पूरे करने के बावजूद ग्राम प्रधानों की हसरतें अभी अधूरी रह गईं हैं। कुछ काम पूरे हो गए, जबकि कुछ अधूरे छूट गए हैं। शुक्रवार को ग्राम प्रधान गांवों में कराए गए विकास कार्यों का भुगतान कराने में जुटे रहे। दो दिन से सर्वर ठप होने तथा डोंगल के काम नहीं करने के कारण परेशानी आई। कुछ ग्राम प्रधान भुगतान करा पाए, जबकि कुछ का अटका रहा।
शुक्रवार रात को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो गया और शनिवार से एडीओ स्तर के अधिकारियों को पंचायतों का कार्यभार दे दिया जाएगा। जिले की 230 ग्राम पंचायतों में प्रधानों के पांच साल पूरे होने के बावजूद ग्राम पंचायतों में अभी कई काम अधूरे पड़े हुए हैं। कहीं खेल के मैदान नहीं बने तो कहीं पर भवनों की रंगाई-पुताई एवं मरम्मत जैसे काम नहीं हुए हैं। कार्यकाल पूरा होने से एक दिन पहले ग्राम प्रधान लंबित भुगतान कराने का प्रयास करने में लगे रहे।
डीपीआरओ आलोक शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने पर प्रशासक नियुक्त होंगे। शासनादेश प्राप्त हो गया है। कुछ ग्राम प्रधानों का कहना था कि वेबसाइट नहीं चलने से भुगतान नहीं हो पाया। जो कार्य हुए हैं उनका भुगतान करना पंचायतों की जिम्मेदारी है। जो भी नई व्यवस्था लागू होगी, उसके द्वारा भुगतान किया जाएगा।
--------------
सामुदायिक शौचालयों का काम नहीं हो सका पूरा
कैराना। कैराना ब्लाक क्षेत्र के कुल 42 ग्राम पंचायतों में कुछ काम अभी अधर में लटके हैं। बीडीओ गोपाल कृष्ण चौधरी ने बताया कि पांच वर्षों में 15 गांवों में ओपन जिम के साथ खेल के मैदान बनाए गए हैं। 33 गांवों में सामुदायिक शौचालय और दो पंचायत घर बनाए गए। कुछ ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का काम अधूरा है। पीएम आवास ग्रामीण में 96 आवास प्रस्तावित हैं लेकिन उनका पैसा अभी नहीं आया है। गांव दभेड़ी खुर्द के प्रधान के पति मुंशाद अली चौहान ने बताया कि पांच वर्षों में काफी काम कराए, लेकिन प्रस्तावित 10 प्रधानमंत्री आवास, खेल का मैदान व तालाब का सुंदरीकरण होना अभी बाकी है। आर्यपुरी देहात के प्रधान के पति सत्तार अली ने बताया कि गांव में काफी काम हुए हैं लेकिन कुछ सड़कें, बरात घर व पानी की टंकी की कमी है।
--------------
भवनों का जीर्णोद्घार अधर में लटका
कांधला। गांव प्रधान आल्दी अरविंद सैनी ने बताया कि गांव में कई विकास कार्य अधर में लटक गए हैं। कोरोना काल में कई बाधाएं सामने आने के कारण विकास कार्य पूरे नहीं हो पाए। पंचायत भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय का जीर्णोद्घार नहीं हो पाया। गांव में विकास कार्य के लिए कई योजना बनाई गई थीं लेकिन इनमें से कुछ सफल नहीं हो पाईं।
गांव प्रधान भारसी संदीप पंवार ने बताया कि कोरोना काल में विकास कार्य बाधित हुए और अब विकास के लिए समय देने के बजाय प्रशासकों की नियुक्ति की जा रही है। गांव में पानी की सप्लाई के लिए टंकी, पानी की निकासी के लिए नाले के निर्माण के साथ ही कुछ कार्य अधूरे रह गए हैं।
-------------
पूरे कार्यों के भुगतान को ब्लॉक पहुंचे प्रधान
थानाभवन। खंड विकास अधिकारी डॉ पंकज कुमार ने बताया कि कार्यकाल पूरा होते ही ग्राम प्रधानों के खाते सीज कर दिए जाएंगे। हालांकि अधिकांश ग्राम पंचायतों के कार्य पूरे हो चुके हैं, जिनके कार्य शेष हैं, उनकी समीक्षा का कार्य चल रहा है। शुक्रवार को कई प्रधान कार्यालय पहुंचे। इसमें सबसे ज्यादा वह प्रधान थे जिनके गांवों में हाल ही में विकास कार्य हुए हैं और उनका भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। ऐसे में पूरे हो चुके विकास कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।