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पीईटी परीक्षा: 20 हजार रुपये में परीक्षा देने के लिए बुलाए थे सॉल्वर

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बीस हजार रुपये में परीक्षा देने के लिए बुलाए थे सॉल्वर
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शामली। पीईटी में सॉल्वर से 20 हजार रुपये में परीक्षा देने का सौदा तय हुआ था। फोन के माध्यम से उनकी बातचीत हुई थी। यह रकम उन्हें परीक्षा के बाद दी जानी थी। लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही दबोच लिया। पुलिस आरोपियों से इस मामले में और जानकारी करने का प्रयास कर रही है।
देशभक्त इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया बिहार के जिला मुंगेर के गांव दौलतपुर निवासी रोहित यादव ने पुलिस से पूछताछ में बताया कि फोन पर बातचीत हुई थी। उसने परीक्षा देने के लिए बुलाया था और 20 हजार रुपये देना तय हुआ था। परीक्षा केंद्र का नाम व लोकेशन भी उन्होंने बताई थी। प्रवेश पत्र व आधार कार्ड भी उन्हें यहीं पर उपलब्ध कराया गया था। परीक्षा के बाद उन्हें यह रकम मिलनी थी, लेकिन उससे पहले ही वह पकड़ में आ गए। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पकड़े गए युवकों से अभी और पूछताछ चल रही है।
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बिहार से शामली तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
शामली। परीक्षा के दौरान तीन सॉल्वर पकड़े जाने से यह बात तय मानी जा रही है कि जिले में सॉल्वर गैंग पूरी तरह सक्रिय रहा। खास बात यह है कि शामली से बिहार तक सॉल्वर गैंग का नेटवर्क फैला हुआ है। जिस समय सॉल्वर पकड़े गए, उस समय परीक्षा को शुरू हुए आधा घंटा बीत चुका था।
पकड़े गए सॉल्वरों से पुलिस पूछताछ में जुटी है। पुलिस के लिए सॉल्वर गैंग से जुड़े सदस्यों और उसके सरगना तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है। इसके लिए पुलिस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल के आधार पर जांच पड़ताल में जुटी है। इसके अलावा इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि शामली से लेकर बिहार तक सॉल्वर गैंग के तार कैसे और किनके माध्यम से जुड़े हुए हैं। पुलिस का मानना है कि सॉल्वर गैंग से और भी लोग जुड़े हो सकते हैं। इसके साथ ही यह भी माना जा रहा है कि सॉल्वर गैंग का सरगना शामली या फिर आसपास के जिले का हो सकता है। पुलिस का कहना है कि हर बिंदु पर गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सही तस्वीर सामने आएगी। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि सॉल्वर गैंग से जुड़े लोग रात में शामली में किसी के मकान पर तो नहीं रुके हुए थे।
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इस तरह पकड़ में आए सॉल्वर
शामली। देशभक्त इंटर कॉलेज पर परीक्षा के दौरान तलाशी व पूछताछ के दौरान फर्जी तरीके से परीक्षा देने आया अमित कुमार निवासी मुंगेर बिहार पर संदेह हुआ तो उसे पकड़कर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह मूल अभ्यर्थी संदीप तोमर निवासी बड़ौत के स्थान पर परीक्षा देने आया था। इसके बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और उसने परीक्षा केंद्र के आसपास निगरानी कड़ी कर दी थी। दूसरा सॉल्वर रोहित यादव परीक्षा देते हुए कक्ष में पकड़ा गया है। बताया गया है कि रोहित यादव जिस मूल अभ्यर्थी सोहित यादव के स्थान पर परीक्षा दे रहा था, वह केंद्र के आसपास संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके स्थान पर रोहित यादव परीक्षा दे रहा है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने रोहित को परीक्षा कक्ष से दबोच लिया। सोहित यादव मूल रूप से जिला बिजनौर के गांव बसेड़ा खुर्द का निवासी है, जो हाल में नैनीताल हल्द्वानी में रहता है।
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