शामली। उमस भरी गर्मी और बारिश के कारण सरकारी अस्पताल में त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में पिछले करीब 15 दिन में 20 प्रतिशत त्वचा संबंधी रोगों के मरीज बढ़े हैं। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मी में पसीना और बारिश में नमी आने की वजह से त्वचा संबंधी रोग फैलते हैं, इसलिए इस मौसम में सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
जिले में भीषण गर्मी के साथ मौसम में उमस बनी हुई है। उमस भरी गर्मी में लोग पसीने से तर रहते हैं। पसीने की चिपचिपाहट की वजह से लोगों में त्वचा संबंधी रोग पनप रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामली में त्वचा संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ रही हैं। जिनमें एलर्जी के मरीज ज्यादा हैं। करीब 15 दिन से मरीज लगभग 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। सीएचसी में रोजाना करीब 750 मरीज आते हैं। इनमें लगभग 200 मरीज त्वचा संबंधी रोग से पीड़ित होते हैं।
सीएचसी के चिकित्सक डॉ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी की वजह से त्वचा संबंधी रोग बढ़ रहे हैं। गर्मी और उमस के कारण शरीर पर पसीना आता है, जिससे खाज खुजली और एलर्जी की समस्या बन रही है। इन रोगों से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश में ज्यादा देर तक भीगने से बचना चाहिए। अगर कपड़े हों तो गीले तो उन्हें बदलकर सूखे कपड़े पहनने चाहिए। अगर कोई दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए।
सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास ने बताया कि बारिश और गर्मी के कारण त्वचा संबंधी बीमारियां होती हैं। इस मौसम में गीले कपड़े पहनने और नमी के कारण भी त्वचा संबंधी रोग होते हैं। सीएचसी में आने वाले सभी मरीजों की जांच कर उपचार दिया जा रहा है। मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। लोगों को इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है।
- सीएचसी में है नहीं, जिला अस्पताल में तीन दिन आते हैं त्वचा रोग विशेषज्ञ
शामली। सीएचसी शामली में त्वचा रोग विशेषज्ञ नहीं है। अस्पताल में आने वाले त्वचा संबंधी सामान्य रोगों के मरीजों को ओपीडी में बैठने वाले चिकित्सक ही जांच कर दवा देते हैं। जिला अस्पताल में नियुक्त त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. कर्मवीर सिंह सप्ताह में बाद के तीन दिन बृहस्पतिवार से शनिवार तक आते हैं जबकि पहले तीन दिन सोमवार से बुधवार तक जिला अस्पताल सहारनपुर में रहते हैं।
- बचाव के लिए यह करें
- गर्मी में पसीना आने पर उसे सुखाते रहें।
- बारिश में ज्यादा देर भीगने से बचें।
- नमी व गीले कपड़े न पहनें। कपड़ों को सुखाकर पहनें।
- शरीर की सफाई का ध्यान रखें।
- रोजाना साफ पानी से स्नान करें।
- त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
- कोई भी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।