शामली। नगर पालिका परिषद शहरी क्षेत्र के तीन हाईवे समेत छह सड़कें चकाचक होंगी। बारिश खत्म होने के बाद शामली नगर पालिका परिषद अगले दो माह में अभियान चलाकर गड्ढा मुक्त करेगी। नगर पालिका परिषद शहरी सड़कों का गड्ढा मुक्त प्रमाणपत्र शासन को भेजेगी।
शामली शहरी निकाय क्षेत्र में पानीपत-खटीमा, मेरठ-करनाल, दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे, बरखंडी मार्ग, रेलपार मिनी बाईपास, रजबाहा पटरी, शामली भैसवाल मार्ग, सलेक चंद विहार बाइपास शामिल है। शहर के मेरठ-करनाल हाईवे, गुरुद्वारा से लेकर शहर के विजय चौक तक रेलपार मिनी बाइपास, बलवा बाईपास से लेकर अजंता चौक, सहारनपुर रोड तिराहे से अंबा विहार की खराब हालत है।
एनएचएआई बागपत इकाई की ओर से शहरी निकाय की सड़कों की मरम्मत के अलावा, सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की कोई कार्य योजना नहीं है। जिला प्रशासन, व्यापारियों, उद्यमियों की पैरवी पर एनएचएआई बागपत इकाई ने सिर्फ पानीपत-खटीमा हाईवे की कैराना बाईपास की सीमा से लेकर बनत कृष्णा नदी पुल तक सड़क निर्माण के लिए पांच करोड़ 83 लाख रुपये की धनराशि जारी करके सड़क लोकनिर्माण विभाग को हैंडओवर कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासनादेश जारी कर शहरी क्षेत्रों के लिए बरसात खत्म होने के बाद दो माह का अभियान चलाकर सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। नगर निकायों की सड़कों को गड्ढामुक्त करके प्रमाणपत्र जारी करने के लिए नगर निकायों के प्रमाणपत्र नगर निकाय के निदेशालय को भिजवाने के निर्देश दिए हैं। शामली नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी रामेद्र सिंह ने बताया कि शामली नगर निकाय क्षेत्र की संपर्क सड़कों को शामली नगरपालिका परिषद निर्माण कराकर गड्ढा मुक्त कराएगी।
शहरी निकाय में हाईवे, लोक निर्माण विभाग की सड़कों के लिए डीएम से पत्र लिखवाकर सड़क निर्माण के लिए बजट की माग करेंगे। बरसात के बाद सितंबर से अगले दो माह के बाद अभियान चलाया जाएगा। शहरी निकाय मुख्यालय सड़कों के फोटो, वीडियो अपलोड कर प्रमाणपत्र उनके द्वारा भेजा जाएगा।
- धनराशि मुक्त होने के बाद हाईवे की सड़कों को किया जाएगा हस्तांतरित
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सनत गुप्त ऋषि का कहना है कि लोक निर्माण विभाग शहर से गुजरने वाले हाईवे के निर्माण के लिए एनएचएआई बागपत इकाई से धनराशि मांगेंगे। धनराशि अवमुक्त कराने के बाद हाईवे को हैंडओवर करेगा। अन्यथा एनएचएचआई सडको का खुद निर्माण कराकर उन्हें सौंपे। धनराशि अवमुक्त होने के बाद लोक निर्माण विभाग प्रातीय खंड निर्माण कराएगा।