शामली। 28 मई को होने वाले मतदान से पहले चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए मंगलवार को कृषि उत्पादन मंडी स्थल पर मारामारी मची रही। मतदान में कहीं मियां-बीवी की ड्यूटी लगा दी गई है, तो कहीं अवकाश पर चल रही गर्भवती शिक्षिकाओं की मतदान ड्यूटी लगाई है। मतदान से ड्यूटी कटवाने के लिए पूरे दिन सभी चक्कर लगाते रहे।
भैैंसवाल रोड स्थित कृषि उत्पादन मंडी स्थल के नीलामी चबूतरे पर पीठासीन अधिकारियों, मतदान अधिकारी प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ कर्मचारियों का दूसरे दिन का प्रशिक्षण शुरू हुआ। इस दौरान कुछ कर्मचारी किसी न किसी कारण से अपनी मतदान ड्यूटी कटवाने के चक्कर में लगे रहे। मुजफ्फरनगर जिले के रथेडी के गांव प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका इंदुबाला अपने दस माह के अपने बालक को लेकर प्रशिक्षण स्थल पर पहुंची। उसने ड्यूटी कटवाने की गुहार लगाई।
कहा कि घर में बच्चे की देेखभाल करने वाला कोई नहीं है। चुनाव में ड्यूटी करने गई, तो उसके बच्चे को कौन संभालेगा। बघरा ब्लाक के नरोत्तमपुर के प्राथमिक विद्यालय नंबर दो की शिक्षिका ऋतु चौहान की मतदान अधिकारी द्वितीय के रूप में थानाभवन ब्लाक में ड्यूटी लगादी है।
दो साल का बच्चा होने से मतदान ड्यूटी से वंचित करने की मांग की है। वहीं, बुढ़ाना ब्लाक के मौहम्मदपुर राई के प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षिका तमन्ना की द्वितीय मतदान अधिकारी के रूप में ड्यूटी लगाई है। वह अपने पति के साथ प्रशिक्षण स्थल पर पहुंची और बताया कि दो माह की गर्भवती है, ऐसे में वह कैसे ड्यूटी कर सकती है। वहीं, रजनी पत्नी आकाश कुमार सहायक अध्यापिका पुरकाजी क्षेत्र के दियावाली के प्राथमिक विद्यालय में तैनात है। वह अपने पति के साथ प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचकर बताया कि वह आठ माह गर्भवती है और अवकाश पर चल रही है। मेडिकल सीएमओ से कराया गया है। उसने चुनाव ड्यूटी से मुक्त किए जाने की गुहार लगाई है।
मतदान ड्यूटी कटने के क्या है विकल्प
प्रशिक्षण प्रभारी व ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी के मुताबिक मतदान ड्यूटी काटने के लिए दिव्यांग व गर्भवती महिला को प्राथमिकता दी गई है। गर्भवती महिला की ड्यूटी कटने के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में मेडिकल टीम बनाई गई है। मेडिकल टीम की रिपोर्ट के आधार पर मतदान ड्यूटी काटी जा सकती है। मियां-बीवी के मतदान ड्यूटी काटे जाने का प्रावधान नहीं है। मेरठ से आई प्रिया पत्नी अमित कुमार कंकरखेड़ा प्रकरण में बताया कि मतदान कार्मिक को जान से खतरा है, इस संबंध में मेरठ प्रशासन को मतदान ड्यूटी काटने का प्रावधान है।
मतदान में ड्यूटी दूं या परीक्षा दें
मुजफ्फरनगर के खेड़ी दूधाहारी प्राथमिक विद्यालय नंबर दो तैनात दिव्या अपने पति के साथ ड्यूटी कटवाने लिए पहुुंची, उसका कहना कि वह मुजफ्फरनगर कृष्णा पुरी में रहती है। मतदान अधिकारी द्वितीय के रुप में उसकी ड्यूटी जारी कर दी गई है। बताया कि 68500 उच्च प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2018 में 27 मई को मेरठ में सुबह 10 बजे से लेकर एक बजे तक परीक्षा में शामिल होना है।
मुजफ्फरनगर के एबीएसए ने परीक्षा में शामिल होने की रिपोर्ट भेज दी है। मतदान ड्यूटी करे या परीक्षा में जाए। उधर, मीरापुुर निवासी इंद्रपाल सिंह डीएवी जानसठ में शिक्षक है। थानाभवन विधानसभा में पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी लगा दी गई। इंद्रपाल सिंह की पत्नी रामेश्वरी देवी मीरापुर एसडी कालेज में शिक्षक है। रामेश्वरी देवी की मतदान अधिकारी द्वितीय के रुप में शामली विधान सभा में ड्यूटी लगा दी गई। मियां बीवी अपने दो बच्चों को लेकर प्रशिक्षण स्थल पर पहुंचे। कहा कि उपचुनाव में मियां बीवी ड्यूटी पर जाएंगे तो घर में बच्चों को कौन संभालेगा।
ड्यूटी से मुक्त कर दो, जान का है खतरा
मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी और प्राथमिक विद्यालय कुरथल में तैनात सहायक अध्यापिका प्रिया अपने पति अमित कुमार के साथ सुरक्षा कर्मी के साथ मतदान कर्मचारियों के प्रशिक्षण स्थल पर पहुुंची। प्रिया की उपचुनाव में मतदान अधिकारी द्वितीय के ड्यूटी लगाई गई है। बताया कि उसके सास ससुर की 15 जनवरी 2015 में हत्या कर दी थी। हत्या का वाद फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक मेरठ में विचाराधीन है। हत्यारों द्वारा परिवार के एक सदस्य को जान से मारने की धमकी दी गई है। अन्य परिवार के सदस्यों को धमकाया जा रहा है। हत्यारों की धमकी के मद्देनजर मतदान ड्यूटी से मुक्त कराने की गुहार लगाई है।