शामली। मेरठ - करनाल मार्ग पर शामली शहर के पांच किमी के दायरे में आने वाले 700 पेड़ों के कटान की अनुमति आ गई है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने सिंभालका गांव में पेड़ों का कटान कार्य शुरू कर दिया है।
85 किमी लंबे मेरठ - करनाल फोरलेन में शामली बाईपास प्रस्तावित था। फोरलेन के निर्माण से पूर्व शामली शहर से पांच किमी के दायरे को छोड़कर सभी पेड़ों की गणना करके कटान कराया था। निर्माण एजेंसी के फोरलेन निर्माण से हाथ खड़ा करने के बाद लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) को निर्माण एजेंसी के रूप में उत्तर प्रदेश शासन ने नामित्त किया था।
उत्तर प्रदेश शासन ने लोनिवि को शामली बाईपास का बजट जारी न करके शहर के अंदर से बाईपास बनाने का प्राविधान किया। लोनिवि शामली बाईपास का पिछले एक साल से निर्माण करा रहा है। लोनिवि मेरठ जिले की सीमा से लेकर हरियाणा सीमा के बिड़ौली यमुना नदी के पुल तक शामली शहर के पांच किमी के दायरे को छोड़कर ज्यादातर कार्य पूरा करा चुकी है।
शामली शहर के दायरे में आने वाले सिंभालका गांव से लेकर टिटौली गांव तक मुख्य मार्ग पर 700 पेड़ आने से बाईपास के निर्माण में बाधा बने हैं। लोनिवि ने विगत दिनों पेड़ों के कटान के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी थी। वन विभाग ने पेड़ों के कटान के 60 लाख रुपये और उठान - लदान के 16 लाख जमा करा चुका है। लोनिवि को 700 पेड़ों के कटान की वन विभाग से अनुमति दे दी है।
लोनिवि के अवर अभियंता एके गुप्ता ने बताया वन विभाग से मेरठ - करनाल फोरलेन के शामली शहर के पांच किमी के दायरे में पेड़ों के कटान की मंगलवार को अनुमति आ गई। सिंभालका - टिटौली गांव में पहले पेड़ों का कटान का कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया मंगलवार को सिंभालका गांव में पेड़ों का कटान कार्य शुरू हो गया है।