शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के बसपा नेताओं ने भी गोटियां बिछा दी हैं। प्रत्याशी संतोष के लिए मुस्लिम सदस्यों का समर्थन जुटाने के लिए बसपा महासचिव से लेकर स्थानीय बसपा नेता लगे हुए हैं। वहीं, सपा प्रत्याशी शेफाली चौहान के पक्ष में भी कई बड़े नेता लगे हैं, जिसके चलते जिला पंचायत अध्यक्ष पद का मुकाबला रोचक हो गया है।
इसी प्रयास के चलते बसपा नेताओं ने रविवार को जिला पंचायत के एक सदस्य को संतोष के पक्ष में करने के लिए हरियाणा में इनेलो पार्टी के सांसद से मुलाकात की। इस मुलाकात को सकारात्मक बताया जा रहा है। सांसद से बसपा के पूर्व विधायक राव अब्दुल वारिस की अच्छी दोस्ती है और दोनों सहपाठी रह चुके हैं। अब्दुल वारिस के जरिये ही सांसद से मुलाकात कराई गई।
वहीं, मालूम चला है कि मुस्लिम बिरादरी के जिला पंचायत सदस्यों से बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी संपर्क बनाया है। दरअसल, जिला पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी संतोष देवी पत्नी प्रसन्न चौधरी ने बसपा प्रत्याशी के रूप में ही जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता था।
उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी शेफाली चौहान के लिए सपा के कई दिग्गज नेता जुटे हुए हैं, जिनमें मंत्री भी शामिल हैं। इस लिहाज से दोनों ही प्रत्याशियों के बीच मुकाबला कांटे का हो गया है। चुनाव को लेकर नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। आगामी सात जनवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव का मतदान होगा। उसी दिन स्पष्ट हो जाएगा कि किस पार्टी के नेताओं का असर काम आया।
निर्णायक शॉट खेलने में माहिर हैं वीरेंद्र
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बेशक मुकाबला कांटे का हो चला है, लेकिन सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह क्रिकेट मैचों की तरह आखिरी गेंद पर भी निर्णायक शॉट लगाकर बाजी अपने पक्ष में करने के माहिर हैं। वहीं भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों को लेकर अभी रुख स्पष्ट नहीं हुआ है। भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने भी अपने पत्ते नहीं खोले और यही कहा है कि पार्टी हाईकमान जो आदेश देगा, उसका पालन किया जाएगा। ऐसे में जिला पंचायत अध्यक्ष पद की लड़ाई में कौन जीतेगा और कौन हारेगा, उसका फैसला तो सात जनवरी को ही होगा।
वापसी के लिए नहीं आए प्रत्याशी
शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में वापसी के दिन पूरे दिन डीएम कोर्ट में पीठासीन अधिकारी मौजूद रहे। कोई भी प्रत्याशी नामांकन पत्र वापसी के लिए नही आया है। सात जनवरी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव होना है। एक जनवरी को संतोष देवी व एमएलसी वीरेंद्र सिंह की पुत्रवधु शेफाली चौहान ने अपने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के बाद दोनों नामांकन पत्र सही पाए गए थे। सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशियों द्वारा अपना वापसी का दिन निधार्रित था। पूरे दिन डीएम कोर्ट में पीठासीन अधिकारी बैठे रहे। पीठासीन अधिकारी पीके त्रिपाठी ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए कोई भी नामांकन पत्र वापस नहीं लिया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए डीएम कोर्ट में सात जनवरी को मतदान होगा।