शामली जनपद में 12 साल बाद भी जिले के नवीन मुख्यालय पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया है। शामली नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय भवन, डीएम आवास काॅलोनी, आधुनिक बस अड्डा और रोडवेज कार्यशाला, पुलिस लाइन, जिला सत्र न्यायालय, जिला जेल निर्माण का सपना अधूरा है। जिले के कई विभागों के अपने कार्यालय और आवासीय भवन नहीं मिल पाए हैं। जिले के कई विभागों के कार्यालय किराए के भवनों में चल रहे हैं। वहीं सुखद पहलू यह भी है कि जिले को तीन हाईवे, तीन एक्सप्रेसवे की सौगात मिल चुकी है। जिले का 12वां स्थापना दिवस बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन की ओर से कलक्ट्रेट कार्यालय भवन में मनाया जाएगा।
28 सितंबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने शामली को प्रबुद्धनगर नाम देते हुए जिला घोषित किया था। वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका नाम फिर शामली कर दिया था। जिले का नवीन मुख्यालय पूर्वी यमुना नहर के किनारे मुंडेट कलां, गोहरनी, भैंसवाल, बधेव की 265 एकड़ भूमि में निर्धारित किया था।
12 साल बाद कलक्ट्रेट कार्यालय तहसील में और पुलिस लाइन नवीन मंडी चल रही है। गोहरनी गांव में, एआरटीओ कार्यालय एसटी तिराहे पर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय, जिला विपणन कार्यालय, ग्रामीण अभियंत्रण कार्यालय नगर पालिका मार्केट माजरा रोड पर किराए के भवन में चल रहे हैं। इनके अलावा अन्य तमाम विभाग भी किराए के भवनों में संचालित हैं।
12 साल में 100 बैड का संयुक्त जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला पंचायत कार्यालय को नवीन भवन में शिफ्ट हो चुका है। विकास भवन और बेसिक शिक्षा कार्यालय का निर्माण शासन से धनराशि अवमुक्त न होने के चलते पूरा नहीं हुआ है। वर्ष 2015 में स्वीकृत नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय का निर्माण 29 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त होने के भी राजकीय निर्माण निगम तैयार नही कर पाई है।
यही हाल डीएम आवास कॉलोनी का है। शासन से 17 करोड़ रुपये से स्वीकृत होने से निर्माण अधूरा है। जिला मुख्यालय पर जिला न्यायालय कार्यालय और आवासीय भवनों के लिए भूमि आरक्षित है। चहारदीवारी के बाद इसका काम आगे नहीं बढ़ा है। अस्थाई रूप से जिला न्यायालय 12 किमी दूर कैराना तहसील मुख्यालय पर कार्यरत है।
कई विभाग अभी भी मुजफ्फरनगर से संचालित
जिला घोषित होने के बाद ड्रैनेज खंड कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र, जिला सेवा योजन कार्यालय, दुग्ध विकास विभाग, पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, रेशम, मत्स्य, खेल, 12 साल बाद भी पूरी तरह पूरी तरह विकसित नहीं हुआ जिला समेत कई विभाग मुजफ्फरनगर से संचालित हैं। मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय से अफसर आकर अपने विभाग की गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। शामली नगर पालिका के आवासों में एडीएम, समेत दूसरे विभागों के अधिकारी कर्मचारी रह रहे हैं।
हाईवे और एक्सप्रेस वे की मिली सौगात
जिले में तीन पानीपत-खटीमा, मेरठ-करनाल और दिल्ली- शामली, सहारनपुर का निर्माण, दिल्ली-देहरादून और अंबाला- शामली ग्रीन फील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर चल रहा है। दूसरी ओर पानीपत-खटीमा हाईवे का बलवा बाईपास का निर्माण पूरा हो चुका है। दिल्ली-शामली सहारनपुर हाईवे का शामली बाईपास का निर्माण पूरा होने और बलवा रेलवे का पुल चालू होने के बाद यातायात चालू होगा।
अधूरी परियोजनाएं
- 798 करोड़ की लागत से बंतीखेड़ा में बिजलीघर का निर्माण
- 46 करोड़ की लागत से भैंसवाल में स्टेडियम का निर्माण अधूरा
- 198 करोड़ की लागत से पुलिस लाइन निर्माण अधूरा
- कैराना के ऊंचा गांव व गुर्जरपुर में पीएसी कैंप व फायरिंग रेंज की स्वीकृति के बाद निर्माण अधूरा
- मेरठ- करनाल हाईवे का टपराना-शामली बाइपास का निर्माण अधूरा है। -
- पानीपत- खटीमा- मेरठ करनाल हाईवे को जोडने वाले टपराना-कंडेला बाइपास का निर्माण अधूरा है।
- जिला जेल की भूमि आरक्षित, शासन से स्वीकृति
जिला स्थापना दिवस से सम्बधित फोटो जिला पंचायत कार्यालय
जिला स्थापना दिवस से सम्बधित फोटो जिला पंचायत कार्यालय
जिला स्थापना दिवस से सम्बधित फोटो जिला पंचायत कार्यालय