पहाड़ों पर बारिश होने से यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने लगा है। हथिनीकुंड बैराज से 12 हजार 953 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बुधवार को कैराना में यमुना का जल स्तर 227.50 मीटर तक पहुंच गया। इसका असर बृहस्पतिवार को नजर आएगा। कैराना में यमुना का जलस्तर खतरे की चेतावनी बिंदु 231 मीटर पर है। एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी यमुना नदी में आने से बाढ़ के हालात बनते हैं। सिंचाई विभाग अलर्ट हो गया है।
पांच दिन पूर्व हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी में 5 हजार 144 क्यूसेक पानी चल रहा था, जिसमें 3432 क्यूसेक पानी पश्चिमी नहर से हरियाणा होकर दिल्ली और राजस्थान पानी जा रहा था। 101 क्यूसेक पानी पूर्वी यमुना नहर में आ रहा था। पहाड़ों पर लगातार बारिश होने से हथिनी कुंड बैराज में 23 जून को यमुना नदी में 6716 क्यूसेक पानी आ गया था, जिसमें 4473 क्यूसेक पानी पश्चिमी यमुना नहर से हरियाणा के माध्यम से दिल्ली पानी जा रहा था।
पूर्वी यमुना नहर में 2410 क्यूसेक पानी आ रहा था।
24 जून को यमुना नदी का जल स्तर 13 हजार 158 क्यूसेक पानी पहुंच गया। यमुना नदी से पश्चिमी नहर को 10 हजार 46 क्यूसेक पानी और पूर्वी यमुना नहर को 2410 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पहाड़ों पर लगातार बारिश होने से हथिनीकुंड बैराज पर 12 हजार 953 क्यूसेक पानी आ गया, जिसमें 10341 क्यूसेक पानी पश्चिमी नहर से हरियाणा के माध्यम से दिल्ली भिजवाया गया। पूर्वी यमुना नहर में 2010 क्यूसेक पानी दिया गया।
कैराना में यमुना नदी में 227.50 मीटर पानी दर्ज किया गया है। पूर्वी यमुना नहर के अधिशासी अभियंता विवेक कुमार ने बताया कि हरिद्वार से गंगा और यमुना नहर का मिलाकर एक हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।