प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि सीएम से लेकर तमाम मंत्रियों और आला अधिकारियों को समस्याएं बता चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए वे अपने प्रतिनिधि जिताकर विधानसभा भेजेंगे और अपनी आवाज उठाएंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार व्यापारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं देती है तो संगठन सभी जिलों की सीटों से अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारेगा, ताकि व्यापारियों की आवाज विधानसभा तक पहुंच सके।
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सुभाष चौक स्थित शिव मूर्ति पर प्रांतीय मुख्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार व्यापारियों की अनदेखी कर रही है। संगठन की ओर से विधायकों, सांसदों और सीधे मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यापारी हर माह करोड़ों रुपये का जीएसटी देकर सरकार को राजस्व दे रहे हैं और हमेशा सरकार का सहयोग करते आए हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। ऐसे में संगठन ने तय किया है कि अब राजनीतिक स्तर पर अपनी भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
बैठक में व्यापारियों की प्रमुख मांगों को भी रखा गया। इसमें व्यापारियों के लिए 3000 रुपये मासिक पेंशन योजना लागू करने, व्यापारिक स्टॉक का सरकारी स्तर पर बीमा कराने, दुर्घटना बीमा राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने, आयुष्मान योजना का लाभ देने, कमर्शियल बिजली दरों को घरेलू दरों के बराबर करने और व्यापारी प्रतिनिधियों को सरकारी संस्थाओं में उचित स्थान देने की मांग शामिल रही।
घनश्याम दास गर्ग ने बताया कि 7 अप्रैल को मथुरा में होने वाली मंत्री परिषद की बैठक में इस निर्णय पर औपचारिक मुहर लगाई जाएगी। उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से बैठक में पहुंचने का आह्वान किया। इस दौरान सुभाष चंद्र धीमान, रवि संगल, नरेंद्र अग्रवाल, ऋषभ जैन, महेश धीमान, आदेश जैन, आशु बत्रा, अमित गर्ग, वंश जैन, गौरव गर्ग, नवीन गर्ग, राजीव गर्ग सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।