98.50 लाख क्विंटल गन्ने की कर चुकी है पेराई
-मंगलवार को 11 घंटे रही नो केन शामली मिल
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। इस साल शामली चीनी मिल एक करोड़ क्विंटल से भी कम गन्ना पेराई कर पाएगी। सोमवार मध्य रात्रि एक बजे से गन्ना न मिलने से शामली मिल 11 घंटे नोकेन रही। मंगलवार को दाेपहर एक बजे गन्ना इकट्ठा करके शामली चीनी मिल चालू किया गया। गन्ने के कमी के चलते बुधवार को शामली चीनी मिल फिर नोकेन हो सकती है। मिल 12 मई को बंद हो जाएगी।
जिले की थानाभवन, ऊन चीनी मिलें 20 से 25 दिन पूर्व बंद हो चुकी हैं। एक मात्र अपर दोआब शामली चीनी मिल चल रही है। चीनी मिल मंगलवार तक 98.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। अब मिल के पास दो तीन दिन का गन्ना अवशेष है। मिल के एजीएम दीपक राणा ने बताया कि चीनी मिल बंदी का 9 मई को नोटिस दिया जा चुका है। मिल बंदी का दूसरा नोटिस दस मई दिया जाएगा। जब तक गन्ना मिलता रहेगा, मिल चालू रहेगी। गन्ना खत्म होने के बाद मिल को बंद कर दिया जाएगा। जीएम केन सुशील खोखर ने बताया कि मिल के पास 50-60 लाख किवंटल गन्ना अवशेष है। गन्ना इकट्ठा करके मिल को चलाया जाएगा। 12 मई तक कभी भी चीनी मिल अपना पेराई सत्र समाप्त करके बंद हो जाएगी। -
चीनी मिलों पर 889.77 करोड़ बकाया
जिले की चीनी मिलोंं इस पेराई सत्र में 1100.32 करोड़ का गन्ना खरीदा है और सिर्फ 210.56 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान कर पाई हैं। तीनों चीनी मिलों पर 889.77 कराेड़ रुपये किसानों की देनदारी है। चीनी मिल पर 288.31 करोड़ रुपये, ऊन चीनी मिल पर 228.74 करोड़ रुपये, थानाभवन चीनी मिल 372.72 करोड़ रुपये बकाया है। इस सत्र में शामली चीनी मिल 10.25 प्रतिशत, ऊन चीनी मिल 32.46 प्रतिशत, थानाभवन मिल 15.37 प्रतिशत गन्ने का भुगतान कर पाई है। चीनी मिलो का गन्ना भुगतान का कुल औसत 19.14 प्रतिशत है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शामली चीनी मिल 17 नवंबर 2022, ऊन मिल 22 दिसंबर 2022 और थानाभवन चीनी मिल 10 नवंबर 2022 तक का बकाया गन्ना भुगतान किया है।