संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शहर में ई-रिक्शा की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। जिससे जाम की समस्या भी बढ़ती जा रही है। ई-रिक्शा शहर में जाम का कारण बन रही हैं। जाम लगने से लोगों को गर्मी के मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ता है। पूरा शहर जाम की जद में रहता है। जिसके चलते लोगों का समय भी बर्बाद होता है। ज्यादातर चालक अपनी ई-रिक्शा को बेतरतीब ढंग से चलाते हैं। दूसरे वाहनों को निकलने के लिए साइड भी नहीं देते। जाम लगने पर दूर-दूर तक ई-रिक्शा ही नजर आते हैं। संवाद
तंग गलियों में भी दौड़ रही ई-रिक्शा
शहर के अधिकतर बाजार तंग गलियों में हैं। यहां भी ई-रिक्शा धड़ल्ले से से दौड़ती हैं। जिससे तंग गलियों में पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। इससे बाजार में खरीदारी करने आने वाले ग्राहकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
बस अड्डों पर भी बुरा हाल
रोडवेज बस अड्डा, कैराना बस अड्डा, गढ़ी अड्डा, कुड़ाना, गुरुद्वारा तिराहा पर भी ई-रिक्शा संचालकों की मनमानी के चलते बुरा हाल रहता है। कोई भी बस आने पर ई-रिक्शा संचालक उसे घेर लेते हैं। जिसकी वजह से यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आपाधापी में कई बार यात्रियों की जेब तक कट जाती है।
कामयाब नहीं हो पाया ट्रैफिक प्लान
शहर में ई-रिक्शा का संचालन के लिए ट्रैफिक प्लान बनाया गया था। ई-रिक्शा को चिह्नित कर उनके रूट निर्धारित कर दिए थे। लेकिन छोटा शहर होने के कारण यह प्लान सफल नहीं हुआ। ई-रिक्शा चालक अपनी मनमानी करने लगे। त्योहार पर बाजार में भीड़ अधिक होने पर जाम में फंसकर लोग और भी परेशान हो जाते हैं।
शहर में इन सड़कों पर दौड़ती हैं ई-रिक्शा
- एमएसके रोड, वीवी इंटर कॉलेज रोड, धीमानपुरा, माजरा रोड, दिल्ली रोड, मेरठ-करनाल हाईवे
इन क्षेत्रों में लगता है जाम
- गांधी चौक, बड़ा बाजार, अजुध्या चौक, कबाड़ी बाजार, गुरुद्वारा तिराहा, रोडवेज बस अड्डा, कैराना बस अड्डा
- जिले में ई-रिक्शा की संख्या- 3800
- परिवहन विभाग में पंजीकृत ई-रिक्शा- 2500
- जिले में अपंजीकृत ई-रिक्शा की संख्या-1300
वर्जन -
यातायात प्रभारी संजय राणा का कहना है कि अपंजीकृत ई-रिक्शाओं का संचालन बंद कराया जाएगा। पंजीकृत ई-रिक्शा चालकों को भी यातायात के नियमों का पालन करने और जनता की परेशानी का कारण न बनने को जागरूक किया जाएगा। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।