शामली। फरवरी माह के 10 दिन बीत जाने के बाद भी शामली और थानाभवन चीनी मिल पिछले सत्र वर्ष 2019-20 का किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर पाई है। दोनों चीनी मिल पर पिछले सत्र का 47 करोड़ रुपये बकाया है।
जिले की एक मात्र ऊन चीनी मिल है, जो पिछले सत्र का किसानों का संपूर्ण बकाया गन्ना मूल्य भुगतान चुकता कर पाई है। शामली- थानाभवन चीनी मिल पर पिछले सत्र 2019-20 का 47 करोड़ रुपये बकाया है। जिसमें शामली चीनी मिल पर 34 करोड़ रुपये और थानाभवन चीनी मिल पर 13 करोड़ रुपये बकाया शामिल है। जिले की शामली मिल की 34 करोड़ रुपये और ऊन चीनी मिल की चीनी निर्यात सब्सिडी सात करोड़ चार लाख रुपये की केंद्र सरकार से सब्सिडी आनी शेष है।
ऊन चीनी मिल को दो किश्तों में केंद्र सरकार से 26 करोड़ 93 लाख रुपये की दो किश्त में सब्सिडी मिल चुकी है। जिससे ऊन मिल पिछले सत्र का संपूर्ण गन्ना भुगतान जनवरी के अंतिम सप्ताह में कर चुुकी है। जिले की बजाज समूूह की थानाभवन एक मात्र चीनी मिल है। जिसकी चीनी विदेश में निर्यात न होने से सब्सिडी नही बनी है। जिले के गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शामली चीनी मिल पर अभी तक 34 करोड़ और थानाभवन मिल पर 13 करोड़ रुपये अवशेष है।
डीसीओ विजय बहादुर सिंह का कहना कि शामली चीनी मिल की चीनी निर्यात सब्सिडी आने का इंतजार है। निर्यात सब्सिडी आने के बाद शामली चीनी मिल पिछले सत्र का बकाया भुगतान साफ कर देंगे। थानाभवन चीनी मिल पर 13 करोड़ पिछले सत्र का बकाया है, चीनी मिल एक सप्ताह में पिछले सत्र का बकाया गन्ना भुुगतान साफ कर देगी।