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‘बेटियां’ बचेंगी नहीं तो पढ़ेंगी कैसे

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शामली के वीवी डिग्री कॉलेज में अपराजिता अभियान के कार्यक्रम में हैदराबाद की घटना का विरोध करतीं ? - फोटो : SHAMLI
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शामली। हैदराबाद में हुई घटना के बाद हर वर्ग गुस्से में है। महिलाओं और युवतियों में तो जबर्दस्त आक्रोश है। उनका साफ कहना है कि रानी लक्ष्मी बाई जैसी वीरांगनाओं के देश में महिला को निर्भया बना दिया गया है। रोज रोज बेटियों के साथ ज्यादती होती है और हम मोमबत्ती जलाकर शांत बैठ जाते हैं। बेटियों को न्याय में भी सालों लग जाते हैं। अब वक्त आ गया है बेटियों को अपराजिता बनकर हाथ में तलवार उठाकर अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी। अमर उजाला ने शहर के वीवीपीजी कालेज में इस मुद्दे पर समूह चर्चा की तो बेटियों का आक्रोश साफ नजर आया। छात्राओं ने कहा कि जेल में नहीं बीच चौराहे पर जिंदा जला देना चाहिए।
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बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे दिए जाते हैं, लेकिन इन नारों का क्या लाभ। जब बेटियों के साथ ये सब होगा। वे बचेंगी ही नहीं तो पढे़ंगी कैसे। पहले तो बेटियों को सुरक्षा दो न्याय दो तभी तो ये सब संभव है। - आयुषी गौड़, छात्रा
ये घटना बेहद शर्मनाक है। इसके लिए उन्हें फांसी की सजा भी कम है। ऐसे दरिंदों ने जिस तरह डॉक्टर दीदी को जलाया है उसी तरह इनको बीच चौराहे पर जिंदा जला देना चाहिए। - वैष्णवी मंगल
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इस तरह की शर्मनाक वारदात करने वाले को तो जेल में डालकर नहीं पालना चाहिए, बल्कि तुरंत ही बीच चौराहे पर ले जाकर सरेआम फांसी की सजा दे देनी चाहिए। तभी ये घटनाएं रुकेंगी और बेटियां सुरक्षित होंगी। - वर्षा रुहेला
इस घटना से पूरा समाज आहत है। दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाने से बड़ी हैवानियत कोई नहीं होती। अपराधियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो दूसरों को भी एक सबक है और कोई ऐसा कुछ करने की सोच भी ना सकें और हैवानियत की सोच रखने वालों में खौफ भरे। - साजिया मलिक
बेटियों की सुरक्षा के लिए अब सख्त से सख्त कानून बनने चाहिए। जिस तरह से बेटियों के साथ घटनाएं बढ़ रही है वे बेहद शर्मनाक हैं। संसद को गंभीरता से विचार करना होगा। - डॉ. मृदुला जैन, प्रवक्ता
बेटियों को पढ़ाने और बढ़ाने की बातें सब करते हैं। सरकार भी खूब बढ़ चढ़कर दावे करती है, लेकिन कोई सुरक्षा की बात नहीं करता। सुरक्षा तो दूर पीड़िताओं को न्याय में भी सालों लग जाते हैं ऐसे में अपराधियों में डर कहां से बनेगा। - डॉक्टर मंजू मंगन
सरकार स्वच्छता पर जोर दे रही है, लेकिन सुरक्षा पर भी तो जोर देना चाहिए। दिल्ली का निर्भया कांड फिर से दोहराया गया वजह यही है कि निर्भया के साथ हैवानियत करने वालों को अब तक सजा नहीं नहीं मिली तो कानून से कौन डरेगा। - प्राचार्य डॉक्टर वंदना
हैदराबाद में हुई घटना से पूरा समाज शर्मशार हुआ है। अब समय आ गया है सरकार से भरोसा छोड़ महिलाओं ,बेटियों को अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी। इसके लिए उसे रानी लक्ष्मीबाई और अपराजिता बनना होगा तभी हैवानियत के दरिंदों में दहशत रुकेगी और बेटियां सुरक्षित होंगी। - डॉक्टर छवि संगल
प्रोजेक्टर पर फिल्म से दिए सेल्फ डिफेंस के टिप्स
अपराजिता कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोजेक्टर पर फिल्म दिखाकर छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के टिप्स दिए गए। उन्हें बताया गया कि यदि कोई छात्रा का अपहरण कर गाड़ी में डालकर ले जाएं तो उनसे कैसे निबटना हो। किसी छात्रा पर कोई हमला कर गलत करने की कोशिश करे तो उसे किस तरह पटखनी देना है। 15 मिनट की इस फिल्म में कई सेल्फ डिफेंस टिप्स दिए गए थे।

शामली के वीवी डिग्री कॉलेज में अपराजिता अभियान के कार्यक्रम में शपथपत्र दिखातीं छात्राएं।- फोटो : SHAMLI

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