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Shamli: दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने से शामली की उद्यमियों को नुकसान, एक से डेढ़ करोड़ रुपये का हो रहा घाटा

Mon, 14 Nov 2022 05:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, शामली

सार

शामली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के राजधानी दिल्ली के प्रदूषण का असर पश्चिमी यूपी में भी दिखाई दे रहा है। शामली में औद्योगिकों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। उद्यमियों को एक से डेढ़ करोड़ रुपये घाटे के साथ राजस्व को नुकसान हो रहा है।
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शामली उद्यमी अनुज गर्ग। - फोटो : SHAMLI
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विस्तार
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शामली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के राजधानी दिल्ली का प्रदूषण मानक तय करते हुए एनसीआर के जिलों में प्रत्येक सप्ताह दो दिन औद्योगिक इकाइयों बंद करने के आदेश का असर दिखाई देने लगा है। दो दिन औद्योगिक इकाई बंद होने से जिले के करीब 20 हजार मजदूरों की रोजीरोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। उद्यमियों को एक से डेढ़ करोड़ रुपये घाटे के साथ राजस्व को नुकसान हो रहा है।

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दिल्ली एनसीआर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर समेत कई जिले शामिल हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली में प्रदूषण एक्यूआई का मानक मानते हुए एनसीआर क्षेत्र के जिलों में औद्योगिक इकाई सप्ताह में दो दिन बंद करने, जेनरेटर का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली में प्रदूषण ज्यादा है, जबकि मुजफ्फरनगर जिले में बहुत कम है।

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इस आदेश की जद में प्रदूषण से मुक्त 100 ज्यादा उद्योग भी आ गए हैं। जिले में 150 औद्योगिक इकाइयों में करीब 20 हजार मजदूर काम करते हैं। औद्योगिक इकाइयां प्रत्येक सप्ताह दो दिन बंद होने से मजदूरों-कर्मचारियों पर रोजीरोजी का संकट उत्पन्न हो रहा है। उद्यमियों को एक से डेढ़ करोड़ रुपये का एक दिन में नुकसान हो रहा है। जिले के उद्यमियों ने पिछले दिनों प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी से शामली-मुजफ्फरनगर जिलों को एनसीआर से बाहर करने की मांग की थी।

 

शामली उद्यमी अशोक बंसल।- फोटो : SHAMLI

उद्यमियों को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति मिले, क्यों दो घंटे जेनरेटर चलाएंगे
आईआईए के चेयरमैन अनुज गर्ग का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों को 24 घंटे में 22 घंटे बिजली आपूर्ति मिल रही है। पावर कारपोरेशन उद्यमियों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दे तो जेनरेटर चलाने की जरुरत नहीं होगी। औद्योगिक इकाई बंद रहने से उद्यमियों को घाटे के साथ राजस्व का भी नुकसान होता है। औद्योगिक इकाई से जुड़े मजदूर और कर्मचारियों की रोजीरोटी पर असर पड़ रहा है।
 

शामली उद्यमी अंकित गोयल।- फोटो : SHAMLI

प्रदूषण का मानक जिला मुख्यालयों के हिसाब से तय हो
शामली इंडस्ट्रियल एस्टेट एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के चेयरमैन अंकित गोयल के मुताबिक एनसीआर के अंतर्गत आने वाली सभी इंडस्ट्री शुक्रवार व शनिवार और पेपर मिल रविवार को बंद करने के निर्देश दिए हैं। इससे प्रति सप्ताह उद्यमियों को करोड़ों रुपये का व्यापार प्रभावित हो रहा है। एनसीआर में होने के कारण उद्यमियों को बड़े नुकसान हो रहे हैं। आयोग ने एक आदेश और जारी किया है कि दिल्ली में यदि एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से अधिक होगा तो सभी इंडस्ट्री बंद रहेगी, जबकि शामली की फैक्टरियां शामली जिला मुख्यालय के प्रदूषण के एयर क्वालिटी इंडेक्स के हिसाब से बंद होनी चाहिए।
 
शामली औद्योगिक क्षेत्र।- फोटो : SHAMLI
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प्रदूषण रहित इकाई भी आदेश से प्रभावित
शहर के प्रसिद्ध उद्यमी आईआईए के पूर्व चेयरमैन और संरक्षक अशोक बंसल के मुताबिक जिले की 150 औद्योगिक इकाइयों में से 100 औद्योगिक इकाई प्रदूषण रहित हैं। आयोग का आदेश सभी औद्योगिक इकाई पर लागू हो गया है। पड़ोसी जिला सहारनपुर एनसीआर क्षेत्र में शामिल नहीं है। वहां जिले की सीमा पर औद्योगिक इकाई का प्रदूषण शामली को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में उद्योग का प्रदूषण कैसे नियंत्रित किया जा सकता है।
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