शामली के थानाभवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विजयदशमी के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुवार को दयाल आश्रम से सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में पथ संचलन के लिए निकले। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होकर डॉक्टर हेडगेवार चौक पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम के बौद्धिक सत्र में वक्ता राजेश तिवारी ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना राष्ट्रीय स्वाभिमान जगाने और समाज को संगठित करने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा चुनौतियों से भरी रही, लेकिन संघ ने हमेशा भेदभाव मिटाकर समाज के उत्थान और राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता दी।
उन्होंने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि आने वाला समय और भी चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ना होगा। सत्यप्रकाश गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन शक्ति के बल पर संघ ने समाज की सर्वांगीण उन्नति और विश्व कल्याण की दिशा में कार्य किया है और यह यात्रा आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नगरवासी, व्यापारी और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विजयदशमी पर संघ के शताब्दी वर्ष के इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया।