विदित हो कि तीन अगस्त गुरुवार को राममेहर अलीनगर में अपनी मां से मिलने पहुंचा था।तभी गांव के ही आशीष पुत्र राजकिरण ने राममेहर पर हमला कर तमंचे से गोली मार दी थी। जिसके बाद राममेहर लहूलुहान होकर नीचे गिर गया था। वहीं आशीष मौके से फरार हो गया था। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची। पुलिस ने गम्भीर रूप से घायल राममेहर को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर चिकित्सक द्वारा राममेहर को मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। जिसके बाद मृतक की बहन सुमन ने गांव के ही आशीष पर अपने भाई की हत्या करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद आरोपी आशीष को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रही थी। पुलिस ने गुरुवार की देर रात मेरठ करनाल हाईवे के गांव लक्ष्मणपुर में टोल प्लाजा के पास से आरोपी आशीष को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने पकड़े गये हत्यारोपी के खिलाफ चालानी कार्यवाही करते हुए न्यायालय में पेश किया। जहां से पुलिस अभिरक्षा में आशीष को जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना ने बताया गांव अलीनगर में राममेहर की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी आशीष को मेरठ करनाल हाईवे टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया है।
दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए आशीष ने राममेहर की गोली मारकर हत्या की थी
दस दिन पूर्व गांव अलीनगर निवासी महिला सुमन ने आशीष पुत्र राजकिरण के खिलाफ अपने भाई राममेहर की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें पुलिस ने फरार चल रहे आरोपी आशीष को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गये आशीष ने बताया लगभग दो वर्ष पूर्व मेरे दोस्त बबलू पुत्र धर्मपाल कश्यप निवासी टिटौली की राममेहर, नीटू, मेरे भाई मनोज ने काठा नदी में हत्या कर शव को दबा दिया था। तब से कहासुनी चल रही थी। कई बार समझौते के प्रयास भी हुए। लेकिन तीन अगस्त को राममेहर मेरे घर आया था जो मेरी हत्या करना चाहता था, लेकिन उससे पहले ही मेने उसको गोली मार दी जिसके बाद वो गिर गया। मैंने उसे घर से गली में बाहर खींचकर गले पर तमंचे की नाल से भी हमला किया जिसके बाद ग्रामीण एकत्रित हो गए,जिसके बाद मे फरार हो गया था।
दोनों आपराधिक घटनाओं को साथ देते थे अंजाम
मृतक राममेहर एवं आरोपी आशीष दोनों ही साथ रहकर अपने साथियों के साथ आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते थे। दोनों का अपराधिक इतिहास है। जिसमें राममेहर पर लगभग आधा दर्जन एवं आशीष पर लगभग एक दर्जन से अधिक मुकदमे संगीन धाराओं में दर्ज हैं, लेकिन आशीष के दोस्त बबलू की हत्या के बाद आशीष एवं राममेहर दोनों एक दूसरे के दुश्मन बन गये। जिसके चलते आशीष द्वारा राममेहर की गोली मारकर हत्या कर दी गई।