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Shamli: दलित समाज के लोगों ने घरों पर लिख दिया 'पलायन', युवक को रेत में दबाने पर भड़के, जानें पूरा मामला

Mon, 16 Jun 2025 08:04 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, शामली

सार

गांव बलहेड़ा में पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने जितेंद्र का अपहरण किया और फिर मारपीट करते हुए जिंदा दफनाने की कोशिश की थी। पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की। 
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घरों पर लिखा पलायन और एसपी से मिलने पहुंचे लोग। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झिंझाना के गांव बलहेड़ा से अपहरण के बाद व्यक्ति को रेत में दबाने के मामले में पीड़ित परिवार अब न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। पीड़ितों ने पुलिस पर आरोपियों को गिरफ्तार कर शांति भंग की मामूली धाराओं में चालान कर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया है। पीड़ितों ने घर के बाहर पलायन लिख दिया है। साथ ही पीड़ित पक्ष और अन्य लोग सोमवार को कार्रवाई की मांग को लेकर गले में तख्तियां डालकर एसपी कार्यालय पर पहुंचे। एसपी से कार्रवाई की मांग उठाई।
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पीड़ितों का कहना था कि आरोपियों ने पहले जितेंद्र का अपहरण किया और फिर बंधक बनाकर मारपीट करते हुए जिंदा दफनाने की कोशिश की थी। इसके बावजूद पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं कर रही।  शिकायती पत्र में बल्हेडा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले घर से जितेंद्र को धोखे से बुलाकर गांव के ही सद्दाम व अन्य ने जितेंद्र को बंधक बनाया था और फिर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे रेत में जिंदा दफनाते हुए मौके से भाग गए थे। उसका आधा शरीर रेत के अंदर, जबकि आधा बाहर था। 
 
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आरोप है कि पुलिस मामले में खानापूर्ति कर रही है। अब उन्हें लगातार धमकी दी जा रही है। पुलिस के सुनवाई नहीं करने के कारण अब घरों पर उन्होंने पलायन की बात लिख दी है। गले में टांगी तख्ती पर लिखा था कि दबंगों के कारण पलायन। एसपी ने पीड़ितों की बात सुनी और एसओ झिझाना को कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।


 
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