चित्रकूट जेल में बंद सपा विधायक नाहिद हसन को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवई के बाद विधायक पर जानलेवा हमले के मामले में आरोप तय कर दिए हैं। विधायक की पेशी के दौरान कचहरी परिसर छावनी में तब्दील रहा। पुलिस ने वादकारियों को कचहरी में नहीं जाने दिया।
विद्युत निगम के एसडीओ नाजिम अली पर हमले एवं सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में मंगलवार को सपा विधायक नाहिद हसन की कैराना स्थित अपर जिला सत्र न्यायालय में पेशी हुई। नाहिद हसन को कड़ी सुरक्षा के बीच चित्रकूट जेल से बंदी रक्षक गाड़ी में कैराना लाया गया। शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट में सुनवाई की गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद विधायक नाहिद हसन पर आरोप तय कर दिए हैं।
शामली में झिंझाना बिजलीघर पर तैनात विद्युत निगम के तत्कालीन एसडीओ नाजिम अली ने आरोप लगाया था कि वह 11 जुलाई 2019 को झिंझाना से सिकंदरपुर बिजली घर पर जा रहे थे। तभी रास्ते में सफेद कार में आए चार लोगों ने एसडीओ की गाड़ी रुकवाकर उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। जिसमें एसडीओ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। एसडीओ की ओर से झिंझाना थाने पर चार अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने व जानलेवा हमले करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
एसडीओ ने अपने बयान में बताया था कि 19 जून को उन्होंने बिजली चोरी रोकने के लिए मॉर्निंग रेड अभियान चलाया था। जिसमें 11 बिजली चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। बिजली चोरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने के बाद कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन ने उन्हें फोन कर धमकी दी थी। एसडीओ के बयान के बाद पुलिस ने विधायक नाहिद हसन व झिंझाना निवासी हैदर का नाम मुकदमे में खोल दिया था। मुकदमे में कोर्ट की ओर से विधायक नाहिद हसन को तलब किया गया था।