शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली नीलामी में छुड़ाई दुकान पर कब्जा न देने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता विभाग शामली को दुकान पर कब्जा देने के साथ ही 1.10 लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया।
गांव हसनपुर लुहारी निवासी प्रदीप ने 18 अक्तूबर 2022 को आयोग में संभागीय उप निदेशक (प्रशासन/विपणन) राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद सहारनपुर, सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति थानाभवन व सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता विभाग शामली के विरुद्ध परिवाद दायर कराया।
परिवादी ने बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी समिति एवं उत्तर प्रदेश सहकारिता विभाग के मध्य समझौते के अनुसार मंडी समिति द्वारा सहकारिता विभाग की जमीन पर तैयार की गई दुकानों में उनके गांव में भी दुकानें तैयार की गई थी।
परिवादी का कहना है कि उसने नीलामी के आधार पर 26 जुलाई 2016 को अलग-अलग तिथियों में 65150 रुपये प्रीमियम जमानत आदि जमा कर एक दुकान अपने पक्ष में छुड़ाई थी। विपक्षियों ने दुकान जल्द सौंपने की बात कही गई, लेकिन पांच वर्ष बाद भी उन्हें कब्जा नहीं दिया गया और न ही स्पष्ट जवाब दिया गया।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने विपक्षी सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता विभाग शामली के विरुद्ध परिवाद स्वीकार करते हुए आदेशित किया कि वह इस आदेश की तिथि से 45 दिन के अंदर परिवादी को आवंटित दुकान संख्या तीन का पूर्ण कब्जा व दखल, अपने कब्जे व दखल से हटाकर नियमानुसार परिवादी को प्रदान करें। परिवादी को हुई क्षति की क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार रुपये और वाद के खर्चे के रूप में दस हजार रुपये प्रदान करने के लिए आयोग में जमा करें।
अनुचित व्यापार व्यवहार, व्यक्तिगत हठधर्मिता एवं सेवा में कमी के लिए 50 हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया। अर्थदंड की धनराशि नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी।
विपक्षी को 45 दिन में आदेश का अनुपालन न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई।