डीएम को ज्ञापन सौंपते जैन समाज के लोग
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जैन समाज के तीर्थ सम्मेद शिखर को बचाने की मांग को लेकर जैन समाज के लोग बुधवार को सड़क पर उतरे। प्रतिष्ठान बंद रखकर कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम जसजीत कौर को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन पहुंचा।
डीएम को ज्ञापन देते हुए जैन समाज के लोगों ने कहा कि सम्मेद शिखर पर जैन समाज के 24 में से 20 जैन तीर्थंकर मोक्ष गए हैं। जैन समाज के लिए सम्मेद शिखर सदियों से वंदनीय रहा है। प्रत्येक जैन व्यक्ति इस तीर्थ की अधिक से अधिक वंदना करता है।
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इस सम्मेद शिखर की सभी पर्वत श्रंखलाएं इतनी पवित्र मानी जाती है कि इस पर्वत की वंदना करने जाते समय सैकडों जैन भक्त चप्पल जूते भी धारण नहीं करते और उपवास रख कर वंदना करते हैं। लेकिन सरकार की अनुसंशा पर केंद्रीय वन मंत्रालय ने 2 अगस्त 2019 को अधिसूचना जारी कर सम्मेद शिखर को वन्य जीव अभ्यारण का एक भाग घोषित कर दिया। जिसमें पर्यावरण, पर्यटन व गैर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दी गई है।
जैन समाज अपने पावन पवित्र तीर्थ पर पर्यटन व गैर धार्मिक गतिविधियां नहीं चाहता। केंद्र सरकार को यह अधिसूचना तुरंत वापस लेनी चाहिए। सम्मेद शिखर के मधुबन क्षेत्र को मांस, मदिरा बिक्री मुक्त पवित्र क्षेत्र बनाने का आदेश जारी किया जाए।
सम्मेद शिखर बचाओ आंदोलन के अंतर्गत दिल्ली के रामलीला मैदान समेत पूरे देश भर में आंदोलन कर जैन समाज के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद कर विरोध कर रहे हैं। समाज की मांग केंद्र सरकार को जल्द पूरी करनी चाहिए।