शामली। जिले की 53 गांवों की सीमा विस्तार का मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुत होगा। जल्द ही शासन से अधिसूचना जारी होगी। शासन से अधिसूचना जारी होने के बाद महायोजना लागू कर दी जाएगी।
शामली नगर पालिका परिषद की सीमा और मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की सीमा खत्म होने के बाद जिला पंचायत की सीमा शुरू होती है। मुजफ्फरनगर रोड पर कुड़ाना मोड़, भैंसवाल रोड पर शामली मंडी, करनाल रोड पर आरके पीजी कॉलेज, दिल्ली रोड पर देशभक्त इंटर काॅलेज, पानीपत रोड पर गुलजारी वाला मंदिर, मेरठ रोड पर शामली रेलपार, बाईपास पर नगरपालिका की सीमा खत्म होकर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की सीमा शुरू हो रही है। प्राधिकरण की सीमा जिला मुख्यालय पर मेरठ-करनाल, दिल्ली-शामली सहारनपुर, पानीपत खटीमा हाईवे के बाईपास तक आबादी के रूप में पहुंच गई है।
ढाई साल पहले प्राधिकरण की सीमा विस्तार का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को भेजा गया था। प्रस्ताव में कैराना, शामली और ऊन तहसील के 53 गांवों और सभी बाईपास को शामिल करके शासन को प्राधिकरण की सीमा का प्रस्ताव भेजा था। 53 गांवों और तहसील, बाईपास के नामों के शुद्धीकरण की सत्यापन तीनों तहसील के एसडीएम से कराकर डेढ़ साल पहले रिपोर्ट शासन को जा चुकी है। नवंबर में लखनऊ में विकास प्राधिकरण के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में सचिव और उपाध्यक्षों की मासिक बैठक हुई। जिसमें मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की शामली जिले की सीमा विस्तार की जल्द अधिसूचना जारी होने का संकेत मिला था। किंतु शासन से सीमा विस्तार का मामला अधर में लटका हुआ है।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कविता मीणा ने बताया कि प्राधिकरण की सीमा विस्तार का प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने होना शेष है। मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुतिकरण के बाद शासन से अधिसूचना जारी होने के बाद लागू हो जाएगी।
आज होगा प्रस्तुतीकरण
प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण की मुजफ्फरनगर महायोजना 2031 का शुक्रवार को प्रमुख सचिव के समक्ष प्रस्तुतीकरण होगा। जिसकी तैयारी विभागीय अधिकारियों ने पूरी कर ली है।