- मानचित्र विशेष ने महायोजना में अभी भी मौजूद खामियों को दूर करने की उठाई मांग
- सात अगस्त को शासन में लखनऊ में अपर मुख्य सचिव के सामने होनी है पेश
-संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की ओर से मुजफ्फरनगर और शामली जिले की महायोजना 2031 का ड्राफ्ट आगामी सात अगस्त को लखनऊ में पेश किया जाएगा। वहीं महायोजना 2031 को सुनवाई के दौरान आपत्तियों के निस्तारण के बाद भी रह गई खामियाें को दूर करने के बाद ही शासन के सामने प्रस्तुत करने की मांग उठ रही है।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की शामली महायोजना 2031 वर्ष 2020 से तैयार करने के लिए कंसलटेंट कंपनी को नियुक्त किया गया था। कंपनी की ओर से शामली महायोजना 2031 का ड्रोन सर्वे के आधार पर ड्राफ्ट तैयार किया गया था। सितंबर 2021 में महायोजना का ड्राफ्ट तैयार कर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण को सौंप दिया था। सहारनपुर मंडल के तत्कालीन आयुक्त की अध्यक्षता में प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में शामली महायोजना को पास किया गया था।
जनवरी 2022 में शामली महायोजना की अधिसूचना जारी करके आपत्तियां मांगी गई थी, जिसमें 315 आपत्तियां प्राधिकरण कार्यालय को प्राप्त हुुई थी। प्राधिकरण की ओर गठित टीम ने आपत्तियों की सुनवाई की। लेकिन महायोजना पर आई आपत्तियों का निस्तारण नही हो पाया गया। प्राधिकरण के सचिव महेंद्र प्रसाद और उपाध्यक्ष डीएम मुजफ्फरनगर का तबादला होने से महायोजना अटक गई। शासन के निर्देश पर शामली और मुजफ्फरनगर महायोजना 2031 की खामियों को दूर न करके लखनऊ में आगामी सात अगस्त को प्राधिकरण की ओर से प्रस्तुत किया जा रहा है।
प्राधिकरण के शामली जिला प्रभारी एवं जेई योगेश कुमार शर्मा, राजीव त्यागी ने बताया कि आगामी सात अगस्त को लखनऊ में अपर मुख्य सचिव नियोजन नितिन कोकण के सामने पेश की जाएगी। दूसरी ओर मानचित्र विशेषज्ञ वीरेंद्र सिंह ने प्रमुख सचिव आवास, मंडलायुक्त, सदर विधायक, प्रसन्न चौधरी, कैराना सांसद प्रदीप चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष, सचिव उपाध्यक्ष को शिकायत भेजकर शामली महायोजना 2031 के ड्राप्ट में मौजूद खामियों को दूर करने के बाद ही शासन में प्रस्तुत करने की मांग की है।