शामली महायोजना 2031 समयाभाव के भंवर में फंसी
शामली। महायोजना 2031 की आपत्तियों का सुनवाई के बाद भी निस्तारण नहीं हो पा रहा है। एसोसिएट टाऊन प्लानर कृष्ण कुमार मोहन लखनऊ में व्यस्तता के चलते शामली और मुजफ्फरनगर जिले की महायोजना 2031 का स्थलीय निरीक्षण नहीं कर पाए हैं।
शामली जिले की महायोजना 2031 के प्रकाशन पर 315 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं। 17 से लेकर 23 जून तक मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की गठित टीम आपत्तियों की सुनवाई कर चुकी है। अगस्त में शामली महायोजना 2031 लागू करने की उम्मीद जताई जा रही थी। शासन का निर्देश था कि जहां महायोजना की आपत्तियों की सुनवाई हो चुकी है, वहां पर 20 जुलाई से लेकर 25 जुलाई तक आपत्तियों का निस्तारण करके बोर्ड बैठक में अनुमोदन के बाद शासन को भेजा जाए, लेकिन अभी तक भी शामली महायोजना 2031 पर आपत्तियों का निस्तारण नहीं हो पाया। महायोजना के टाऊन प्लानर प्रभात पाल का कहना है कि एसोसिएट टाऊन प्लानर कृष्ण मोहन को आपत्तियों के निस्तारण से पहले शामली जिला मुख्यालय पर महायोजना 2031 का स्थलीय निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट शासन को देनी है। उनके स्थलीय दौरा करने का कार्यक्रम नहीं मिल पा रहा है। प्राधिकरण के अफसरों के मुताबिक एसोसिएट टाऊन प्लानर कृष्ण मोहन, टाऊन प्लानर प्रभात पाल के नेतृत्व में एक टीम का अगस्त के प्रथम सप्ताह में आना प्रस्तावित था, लेकिन यह संभव नहीं लग रहा है। स्थलीय निरीक्षण की तिथि बार-बार टलती जा रही है।
डीएम मुजफ्फरनगर चंद्रभूषण सिंह भी उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखकर प्राधिकरण की महायोजना की स्थलीय निरीक्षण की तिथि निर्धारित किए जाने का अनुरोध कर चुके हैं। एसोसिएट टाऊन प्लानर कृष्ण मोहन के मुताबिक लखनऊ में व्यस्तता के चलते स्थलीय निरीक्षण करने समय नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि मेरे मेरठ, सहारनपुर, लखनऊ, गाजियाबाद का पद प्रभार भी है। समयाभाव के कारण शामली जिले की महायोजना 2031 का स्थलीय दौरा नहीं कर पा रहे हैं। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के शामली कार्यालय प्रभारी राजीव त्यागी का कहना है कि वह भी एसोसिएट टाऊन प्लानर कृष्ण मोहन से स्थलीय निरीक्षण करने का अनुरोध कर चुके हैं। टाऊन प्लान प्रभात पाल का कहना है कि वह प्रयास कर रहे हैं कि आगामी शुक्रवार या शनिवार को एसोसिएट टाऊन प्लानर को साथ लेकर आने का प्रयास करेंगे। लेकिन स्थलीय निरीक्षण कार्यक्रम निर्धारित नहीं है।