स्वास्थ्य विभाग के सह नोडल अधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने बुधवार को टीम के साथ दो निजी अस्पतालों पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान एक अस्पताल में चिकित्सक के स्थान पर 12वीं पास युवक मरीजों को दवा देते हुए मिला, वहीं दूसरे अस्पताल में उपचार करने वाले रजिस्ट्रेशन व डिग्री नहीं दिखा सके। दोनों अस्पताल संचालकों को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने का नोटिस दिया गया है।
सह नोडल अधिकारी ने बताया कि बुधवार को शहर के मोहल्ला कलंदरशाह में स्थित निजी अस्पताल पर पहुंचे। वहां पर चिकित्सक नहीं मिले। चिकित्सक की कुर्सी पर 12वीं पास युवक मरीजों को दवा दे रहा था। उसके पास कोई डिग्री नहीं थी। इसी दौरान युवक मौके से भाग निकला। इसी तरह अन्य युवक मरीज को इंजेक्शन लगा रहे थे। अस्पताल संचालक चिकित्सक से फोन पर बात की तो उसने दिल्ली में होना बताया। ऊपरी मंजिल पर अस्पताल में कई बच्चे भर्ती मिले।
इसके बाद मोहल्ले में दूसरे निजी अस्पताल में पहुंचकर जांच की तो वहां पर चिकित्सक मरीजों की जांच करते हुए मिले। सह नोडल ने बताया कि चिकित्सक से रजिस्ट्रेशन और डिग्री मांगी तो वह कोई कागज नहीं दिखा सके। अस्पताल में बच्चा केयर के लिए मशीन रखी मिली। हालांकि मशीन चालू स्थिति में नहीं पाई गई। मरीजों को दवा देने वाले युवक के पास भी डिग्री नहीं मिली।
सह नोडल अधिकारी ने बताया कि दोनों अस्पताल संचालकों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि नोटिस का जबाव संतोषजनक नहीं पाया जाता तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।