Fever outbreak: बाबरी में बुखार से पीड़ित नरगिस की मौत हो गई। वहीं, मेन बाजार में रहने वाले प्रमोद ने भी दम तोड़ दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य शिविर लगवाने की मांग की है।
जिले में बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बाबरी में बुखार से ग्रस्त 19 वर्षीय नरगिस और लाला इंद्र प्रकाश जनता इंटर कॉलेज के चौकीदार प्रमोद की मौत हो गई, जबकि कई बुखार से ग्रस्त हैं। जिला अस्पताल में हर रोज 400 से अधिक मरीज बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रस्त पहुंच रहे हैं। चिकित्सक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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बाबरी के रहने वाले सरफराज ने बताया कि उसकी बहन नरगिस पिछले 15 दिन से बुखार से ग्रस्त थी। उसे पहले शामली के प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसकी हालत को गंभीर देखते हुए मेरठ व ऋषिकेश में भर्ती कराया। वहां पर भी आराम नहीं मिलने पर दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उसका उपचार चल रहा था। सोमवार देर रात नरगिस ने दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बाबरी में शव को मंगलवार को सुपुर्दे खाक किया गया।
वहीं, सहारनपुर के खालिदपुर के रहने वाले राहुल ने बताया कि पिछले काफी समय से उनका परिवार बाबरी के ही मेन बाजार में रहता है। पिता प्रमोद कई दिन से बुखार से ग्रस्त थे, जिनका प्राइवेट अस्पताल से उपचार चल रहा था। प्रतिदिन की भांति वह सोमवार रात इंद्रप्रकाश जनता इंटर कॉलेज में ड्यूटी पर गए थे।
मंगलवार सुबह चारपाई पर शव पड़ा मिला। मामले की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। बताया कि बुखार के कारण ही उनकी मौत हुई है।
उधर, बाबरी में अभी भी अतर सिंह पाल, पंडित दिनेश शर्मा, अजय कुमार पाल समेत कई ग्रामीण बुखार, खांसी और अन्य संक्रामक रोगों से बीमार हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिन से लोग बीमार हैं, मगर विभागीय अधिकारी स्वास्थ्य कैंप लगाना तक मुनासिब नहीं समझ रहे हैं।
ग्रामीण राजबीर, सोहन व मनोज ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में जल्द से जल्द स्वास्थ्य शिविर लगवाने की मांग की है। एसीएमओ डॉ. अतुल बंसल ने मामले की जानकारी होने से इन्कार किया है। ये जरूर कहा कि गांव में स्वास्थ्य शिविर लगवाया जाएगा।
जिला अस्पताल में पहुंच रहे 500 से अधिक मरीज
बदलते मौसम के साथ लगातार वायरल, खांसी व जुकाम के मरीज जिले में बढ़ रहे हैं। अकेले जिला अस्पताल में वैसे तो 1400 से लेकर 1500 की ओपीडी हो रही है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार अकेले करीब 500 मरीज बुखार, खांसी, जुकाम से ग्रस्त उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिन्हें चिकित्सक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
जिला अस्पताल के सीएमएस डा. किशोर आहुजा का कहना है कि वायरल बुखार में अचानक तेज बुखार आना, सिर दर्द, शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी महसूस होना, गले में खराश या खांसी, भूख की कमी, उल्टी, भूख में कमी, कुछ मामलों में त्वचा पर हल्के दाने। यदि ये लक्षण दो से तीन तीनों से अधिक बने रहें या बुखार बहुत तेज हो तो बिना देरी किए डाक्टर से संपर्क करें।