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शामली के किसान ने 69.45 क्विंटल उपज ली

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शामली। किसान सम्मान योजना में रबी फसलों की उपज प्रतियोगिता में जिले के एक किसान ने गेहूं में 69.45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज ली है। माना जा रहा है कि गेहूं की यह उत्पादकता प्रदेश में सबसे ज्यादा है। कृषि विभाग ने गेहूं एवं सरसों की फसल के सर्वे के आधार पर प्रति हेक्टेयर उपज का आंकड़ा कृषि विभाग लखनऊ को भेज दिया है। निदेशालय से किसानों की सूची जारी होने के बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले किसानों को 23 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा।
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जिले के कृषि और राजस्व विभाग की ओर से फसलों का क्रॉप कटिंग के आधार पर सर्वेक्षण कराया जाता है। किसान सम्मान योजना में रबी में गेहूं एवं सरसों के अलावा गन्ना, सिंचाई, पशुपालन, उद्यान विभाग की ओर से प्रगतिशील किसानों को प्रतियोगिता में शामिल किया जाता है। वर्ष 2020-21 के लिए रबी में गेहूं और सरसों की फसल के लिए 40 किसानों का पंजीकरण किया गया। गेहूं एवं सरसों की फसल की क्रॉप कटिंग के आंकडे़ प्राप्त हुए हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बुटराडी गांव के किसान भूपेंद्र सिंह पुत्र रणधीर सिंह ने गेहूं की डीबीडब्ल्यू-117 प्रजाति की बुवाई करके अच्छी उपज प्राप्त करके प्रथम स्थान प्राप्त किया है। भूपेंद्र सिंह ने 69.45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज ली है। इसके अलावा एलम के किसान रामवीर सिंह पुत्र दाताराम ने एचडी-2967 गेहूं की प्रजाति की बुवाई करके 68.20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
सरसों की फसल में जिले के कुड़ाना गांव के ब्रह्मपाल पुत्र दलेल ने सरसों की पीपीएस -1 प्रजाति में 32.50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। कांधला क्षेत्र के रसूलपुर गुजरान मोहकम सिंह निवासी किसान 31.20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर सरसों की उपज लेकर दूसरे स्थान पर रहे हैं। उप निदेशक कृषि शिवकुमार केसरी ने बताया कि गेहूं की 69.45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की उपज संभवत: प्रदेश में सबसे ज्यादा है। निदेशालय से सबसे ज्यादा उत्पादन लेने वाले किसानों के नाम जारी किए जाएंगे।
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नई तकनीक से खेती के लिए किया जाता है प्रोत्साहित
शामली। उपनिदेशक कृषि शिवकुमार केसरी ने बताया कि जिले के किसानों को नई तकनीक से खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों का पंजीकरण कर उन्हें किसान सम्मान योजना प्रतियोगिता में शामिल किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रथम स्थान पाने वाले किसान को एक लाख रुपये, दूसरे स्थान पर 75 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। जनपद स्तर पर स्थान पाने वाले किसान को 15 हजार रुपये, ब्लाक स्तर पर स्थान पाने वाले किसान को 7.5 हजार रुपये की धनराशि 23 दिसंबर को दी जाएगी।
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राजस्व विभाग के क्रॉप कटिंग के आंकड़े
वर्ष उत्पादकता प्रति क्विंटल हेक्टेयर- रकबा-
-2018-19 45.79- 48, 655 हेक्टेयर
-2019- 20- 47.59-- 48, 680 हेक्टेयर-
-2020-21- 51.15- 48, 973 हेक्टेयर-
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