किसान का कहना है कि उसने लेखपाल को पहले ही ढाई हजार रुपये दे दिए थे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि अब लेखपाल खुले तौर पर 40,000 रुपये मांग रहा है।
इससे आहत होकर किसान ने जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान से मुलाकात की और न्याय न मिलने की स्थिति में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। सचिन कुमार का कहना है कि यदि दोषी लेखपाल पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह मजबूरी में अपनी जान देने को विवश होगा।
सचिन के साथ इस दौरान कई ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने उसके आरोपों का समर्थन किया। इनमें विनोद निर्वाल, बालेंद्र कांजरहेड़ी, मास्टर धर्मेंद्र, सुनील भैंसवाल और रजत कुमार शामिल थे।
एसडीएम सदर विनय भदौरिया ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि लेखपाल के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।