सुपीयिर फूड ग्रेन्स प्राइवेट लिमिटेड (ऊन चीनी मिल) की एथेनॉल यूनिट में किसानों के खेत में इस्तेमाल किया जाने वाले यूरिया खाद के प्रयोग का मामला पकड़ा गया है। डीएम द्वारा गठित तीन अधिकारियों की टीम ने रात में छापा मारकर इसका खुलासा किया है। टीम ने मौके से यूरिया खाद के छह बोरे और करीब 10 खाली बोरे बरामद किए। जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार की तरफ से ऊन चीनी मिल की एथेनॉल यूनिट के प्रबंधन के खिलाफ झिंझाना थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन
ऊन चीनी मिल में कार्रवाई।
- फोटो : अमर उजाला
ऊन चीनी मिल की एथेनॉल यूनिट में यूरिया खाद का इस्तेमाल किए जाने की सूचना पर डीएम अरविंद कुमार चौहान ने बुधवार रात टीम गठित की। टीम में जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार, तहसीलदार ऊन मृदुला और सीओ थानाभवन जितेंद्र सिंह को शामिल किया गया। टीम ने रात नौ बजे एथेनॉल यूनिट पर छापा मारा। मौके से किसानों को फसलों में इस्तेमाल के लिए दिए जाने वाले यूरिया खाद के छह बोरे और 10 खाली बोरे बरामद हुए।
यूरिया के भरे व खाली बोरों व अन्य सामान को कब्जे में लेकर झिंझाना थाने पर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया। टीम ने डीएम को पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपी। डीएम के अनुमोदन के बाद जिला कृषि अधिकारी की तरफ से झिंझाना थाने पर ऊन चीनी मिल की एथेनॉल यूनिट के प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इन्होंने कहा....
किसानों से यूरिया खरीदकर प्रयोग करने का आरोप बेबुनियाद है। मिल को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। - अवनीश चौधरी, यूनिट हेड, सुपरीरियर फूड फू्ड ग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड ऊन
बायोफ्यूल प्लांट के यूनिट हेड समेत पांच नामजद और अन्य पर रिपोर्ट
झिंझाना थाना प्रभारी ने बताया कि देर शाम कृषि अधिकारी की तहरीर पर ऊन मिल के बायोफ्यूल प्लांट के यूनिट हेड अर्जुन शर्मा , प्रोडक्शन मैनेजर अंकित चौधरी , जूनियर एचआर दीपक शर्मा, सीनियर एचआर रविंद्र शर्मा, इंचार्ज हनी खतियान और अन्य के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की गई। जिसमें कहा गया कि प्लांट में अवैध रूप से नीम कोटेड यूरिया का प्रयोग किया जा रहा था। जबकि टेक्निकल ग्रेड यूरिया का प्रयोग होता है। यह वस्तु अधिनियम की धारा 37 के अधीन अपराध है।