शामली के चर्चित धर्मांतरण प्रकरण में जेल में बंद मुख्य आरोपी चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। शुक्रवार को अदालत ने दोनों की रिहाई के आदेश जारी कर दिए।
आयुष मलिक और चांदनी।
- फोटो : अमर उजाला
6 जून को शामली निवासी दवा व्यापारी देवराज मलिक की तहरीर पर शामली कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। आरोप था कि चांदनी कुरैशी ने उनके इकलौते बेटे आयुष मलिक को प्रेमजाल में फंसाकर निकाह किया और उसका धर्मांतरण कराया। पुलिस ने चांदनी, इस्लाम समेत नौ आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर 8 जून को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पूजा करते हुए आयुष मलिक।
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इसके बाद चांदनी, इस्लाम, सुमाईला, राहिल और आसू उर्फ आस मोहम्मद ने जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की। वहीं, आरोपी तौफीक उर्फ भोला ने भी दो दिन पहले जमानत अर्जी दाखिल की थी।
आयुष मलिक
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शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने चांदनी कुरैशी और इस्लाम की जमानत मंजूर कर ली। जबकि आसू उर्फ आस मोहम्मद, राहिल और सुमाईला की ओर से उनके अधिवक्ता ने नोट प्रेस दाखिल कर दिया, जिसके चलते उनकी जमानत याचिकाओं पर सुनवाई नहीं हो सकी। वहीं, तौफीक उर्फ भोला की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए अदालत ने 29 जुलाई की तिथि निर्धारित की है।
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