आयोग ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने ट्रांसपोर्ट कंपनी को आदेश दिया कि परिवादी को खरीदे गए माल की वास्तविक कीमत 28,440 रुपये अदा करें। इसके अलावा मानसिक, आर्थिक और सामाजिक क्षति के लिए 20 हजार रुपये तथा वाद व्यय के रूप में पांच हजार रुपये देने के भी आदेश दिए गए।
25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
आयोग ने ट्रांसपोर्ट कंपनी द्वारा किए गए अनुचित व्यापार व्यवहार को देखते हुए 25 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया है, जो राजकोष में जमा कराया जाएगा। आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी 45 दिन के भीतर भुगतान करे, अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।