जलालाबाद। कहते हैं मरने के बाद इंसान को दो गज जमीन और मिट्टी नसीब हो जाए तो सुकून हो जाए। मगर हसनपुर लुहारी गांव के बच्चों को दफनाने के लिए साफ मिट्टी तक नसीब नहीं हो रही है। यही वजह है कि रविवार को मौत के बाद एक बच्चे को कीचड़ में दफनाना पड़ा।
क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी निवासी सतीश सैनी के पुत्र आशीष को डेढ़ साल पहले एक बेटा हुआ था। जन्म के बाद से ही आशीष का बेटा लगातार बीमार चल रहा था। परिजनों के काफी इलाज कराने के बाद भी उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार रात उसकी मृत्यु हो गई। गमगीन माहौल में परिजन व ग्रामीण सुबह के समय बच्चे को दफनाने के लिए बच्चा श्मशान पहुंचे, लेकिन यहां चारों तरफ कीचड़ थी। जब संस्कार के लिए साफ मिट्टी नहीं मिली तो मजबूरी में परिजनों ने कीचड़ के बीच ही बच्चे को दफना दिया। ग्रामीण सुमित सैनी ने बताया कि गांव में बच्चा श्मशान की 16 बीघा जमीन छूटी हुई है, लेकिन इसमें से अधिकांश भूमि पर अवैध रूप से मकान बना रखे हैं। कुछ भूमि पर अवैध कब्जे हैं तो बची हुई जमीन पर तालाब व कीचड़ बनी है। इसे लेकर ग्रामीण जिम्मेदार लोगों के साथ शासन व प्रशासन को कई बार शिकायत कर चुके हैं। टीम सिर्फ खानापूर्ति कर वापस लौट जाती है। ग्रामीणों का कहना था कि बार-बार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। यदि अब भी प्रशासन ने बच्चा श्मशान की भूमि से अवैध कब्जा हटाया तो आंदोलन करेंगे। उधर, ग्राम पंचायत सचिव नीरज का कहना है बच्चा श्मशन की भूमि की जल्द ही पैमाइश कराकर अवैध कब्जा हटवाया जाएगा।