पुलवामा में शहीद हुए बनत कस्बे के जवान प्रदीप की सोमवार को तेरहवीं हुई। शहीद के बड़े बेटे सिद्धार्थ को घर की जिम्मेदारी स्वरूप पगड़ी दी गई, तो वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। भावुक मन से लोगों ने सिद्धार्थ को आशीर्वाद दिया।
गांव की चौपाल पर सुबह हवन यज्ञ किया गया। इसमें परिवार के अलावा गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। दोपहर में रस्म पगड़ी हुई। इसमें प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा सहित राजनीतिक पार्टियों के नेता, जनप्रतिनिधि, सामाजिक, व्यापारिक और किसान संगठनों के नेता और खाप चौधरी भी शामिल हुए। शहीद प्रदीप के बड़े बेटे सिद्धार्थ को पगड़ी दी गई। हालांकि सिद्धार्थ ने ये पगड़ी अपने दादा को सौंप दी। इस मौके पर मौजूद गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार परिवार के साथ है। विधायक तेजेंद्र निर्वाल, एमएलसी सपा नेता वीरेंद्र सिंह, पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, व्यापारी नेता घनश्याम दास, बतीसा खाप चौधरी बाबा सूरजमल, भाजपा नेता डॉक्टर वीरपाल निर्वाल सिंह आदि ने भी कहा कि शहीद प्रदीप की शहादत पर हम सबको गर्व है। वे सब परिवार के सुख दुख में हर वक्त साथ निभाएंगे। हिंदुस्तान निर्माण दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया, पूर्व मंत्री योगराज सिंह भी बाद में परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
सिद्धार्थ ने हाथ जोड़े तो भावुक हुआ माहौल
रस्म तेरहवीं के दौरान सिद्धार्थ ने सभा के बीच खडे़ होकर हाथ जोड़े तो माहौल बेहद भावुक हो गया था। उसके बाबा जगदीश की आंखों से आंसू निकल गए। लोगों ने भी सिद्धार्थ और उसके छोटे भाई विजयंत को आशीर्वाद दिया और परिवार का साथ निभाने का भरोसा दिया। उधर, तेरहवीं से पूर्व घर में कोहराम मचा था। घर की महिलाएं रो रही थीं। हर कोई शहीद प्रदीप को याद कर रहा था। महिलाओं का भी कहना था कि सरकार को प्रदीप की शहादत का बदला लेना चाहिए। उधर, सोमवार सुबह को एसपी अजय कुमार और एडीएम केबी सिंह भी शहीद के घर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। परिजनों को भरोसा दिया कि पुलिस प्रशासन परिवार के साथ है और उनकी हर संभव मदद करेगा।