पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के आश्रित को पुलिस विभाग में नौकरी मिलेगी। सरकार ने गृह विभाग को नोडल विभाग बताते हुए इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस कार्यालय से इसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दोनों शहीदों के परिजनों को आवेदन पत्र भेज दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ के जवानों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। शासन ने इस घोषणा पर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी अजय कुमार के अनुसार सरकार ने इस संबंध में गृह विभाग को नोडल विभाग बनाकर जिम्मेदारी दी है। इसमें पुलिस विभाग आता है। शहीद के एक परिजन को पुलिस विभाग में नौकरी दी जाएगी। एसपी के अनुसार पीएसी में आरक्षी, जेल में बंदी रक्षक, या फायरमैन के तृतीय श्रेणी के पद पर नियुक्ति मिल सकती है। इसके लिए न्यूनतम अर्हता इंटरमीडिएट है। बनत निवासी शहीद प्रदीप और रेलपार कालोनी निवासी शहीद अमित के परिजनों को नौकरी के लिए आवेदन पत्र दे दिया गया है। उनसे अनुरोध किया गया है कि वे जिस सदस्य का भी नाम तय करें, उसी का फार्म भरकर आवश्यक कागजातों के साथ भेज सकते हैैं। एसपी के अनुसार परिजन अभी गमी में हैं। उनके फार्म आते ही आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। शासन का प्रयास है जल्द से जल्द नियुक्ति दी जाए। एसपी ने बताया कि शहीद के परिजनों में शहीद की पत्नी, बेटा, बेटी, भाई, अविवाहित बहन भी आते हैं। शहीद अमित अविवाहित था। उसके चार भाई हैं। दो भाई ग्रेजुएट भी हैं। शहीद प्रदीप का बड़ा बेटा सिद्धार्थ इंटर की परीक्षा देगा। जबकि उनकी पत्नी शर्मिष्ठा भी इंटर पास है।
अखिलेश सिंह डीएम शामली
परिजनों को आवेदन पत्र भेज दिए गए हैं। उनसे व्यक्तिगत रुप से मिलकर भी जानकारी दे दी गई है। उन्होंने परिवार में विचार विमर्श के बाद आवेदन देने को कहा है। उसके आते ही अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
अजय कुमार एसपी शामली