मामौर झील पर सीवेज ट्रीटमेंट निर्माण में आई तेजी
कई गांवों के किसानों को मिलेगी राहत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। नमामि गंगे योजना के तहत जल निगम ने मामौर झील के पास 78.60 करोड़ की लागत में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण तेजी से शुरू कर दिया है। इससे किसानों को प्रतिवर्ष होने वाले फसलों में नुकसान से राहत मिलेगी।
नमामि गंगे योजनांतर्गत मामौर झील के गंदे पानी से निजात दिलाने के लिए जल निगम ने मामौर झील के पास कृषि उद्यान फार्म के सामने 8,400 वर्ग मीटर भूमि पर 78.60 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में कैराना से जाने वाले नाले का गंदा पानी व मामौर झील का गंदा पानी बड़े पाइपों से पहुंचाया जाएगा। जहां पर प्लांट में पानी को शुद्ध करने के बाद उसे यमुना में छोड़ा जाएगा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद आसपास के गांव मामौर, मवी, पंजीठ, हैदरपुर, काकौर आदि में दूषित भूजल की समस्या का हल हो जाएगा।
प्रतिदिन डेढ़ करोड़ लीटर पानी का होगा शोधन, खाद भी बनेगा
मामौर झील के पास बनने वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट 15 एमएलडी की क्षमता का होगा। जिसमें प्रतिदिन डेढ़ करोड़ लीटर गंदे पानी को शुद्ध करके यमुना में छोड़ा जाएगा। किसान अगर चाहेंगे तो उन्हें भी सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त गंदे पानी से निकलने वाले मैले से खाद बनाई जाएगी।
दशकों से चली आ रही समस्या से मिलेगी निजात
बरसात के दिनों में मामौर झील से पानी की निकासी न होने के कारण ओवरफ्लो होकर टूट जाती है। झील का गंदा पानी आसपास के किसानों की हजारों बीघा फसलों को बर्बाद करता है। इसके अतिरिक्त कैराना से झील तक नाले से गंदा पानी जाता है। कच्चे नाले के कारण जमीन में भी रिसता रहता है। जिस कारण ग्रामीण पेयजल दूषित होने व इससे गांव में हेप्टाइटिस सी व कैंसर बीमारी फैलने की शिकायत करते रहते हैं। पंजीठ व मामौर में काला पीलिया का अधिक प्रकोप देखने को मिलता है। वहीं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनने के बाद ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
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नमामि गंगे योजना के तहत मामौर झील के पास 8400 वर्ग मीटर जमीन पर 78.60 करोड़ के बजट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। यह प्लांट 2023 तक काम करना शुरू कर देगा।-शंभूनाथ तिवारी, सीडीओ