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दिनभर पूछताछ कर जानकारी जुटाती रहीं टीमें

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थानाभवन थाने में रिमांड पर थाने पहुंचे म्यांमार के आरोपी - फोटो : SHAMLI
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शामली/थानाभवन। म्यांमार निवासी चारों युवकों को पुलिस ने जिला कारागार से सात दिन के रिमांड पर ले लिया है। पुलिस और खुफिया विभाग की टीम ने दिनभर थाने में चारों युवकों से अलग-अलग गहन पूछताछ की।
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थानाभवन पुलिस ने शनिवार को म्यांमार निवासी मदरसे के शिक्षक अब्दुल मजीद और तीन भाइयों नौमान, फुरकान और रिजवान को जिला कारागार से पूछताछ हेतु कस्टडी में ले लिया। चारों युवकों का कोर्ट से सात दिन का रिमांड स्वीकृत हुआ है। पुलिस चारों युवकों को लेकर थानाभवन थाने पहुंची। थाने पर सीओ भवन प्रदीप सिंह और थानाध्यक्ष संदीप बालियान ने अलग कमरे में करीब पौन घंटे तक पूछताछ शुरू की। इसके बाद पुलिस ने करीब आधा घंटे तक कंप्यूटर कक्ष में ले जाकर उनसे पूछताछ की। दोपहर में स्थानीय खुफिया विभाग की टीम थाने पहुंची और आरोपी चारों युवकों से पूछताछ की। दिनभर पुलिस और खुफिया विभाग की टीमें युवकों से अलग-अलग पूछताछ कर जानकारी जुटाने में लगी रहीं। सीओ भवन प्रदीप सिंह ने बताया कि अभी पुलिस और खुफिया विभाग की ओर से कई बिंदुओं पर पूछताछ होनी है। अधिकारियों का मुख्य फोकस इस बात की जानकारी जुटाने पर है कि शामली या आसपास के जनपद में इनकी तरह के अन्य संदिग्ध तो नहीं रह रहे हैं। साथ ही इनका जलालाबाद में रहने का मकसद क्या था। पुलिस भी अपने स्तर से संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
मदद करने वालों की जुटाई जानकारी
थानाभवन। पुलिस ने रिमांड के पहले दिन म्यांमार निवासी चारों युवकों से उन लोगों के बारे में पूछताछ की है, जिन्होंने अब्दुल मजीद की फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद की। बतौर गवाह के रूप में उनका सहयोग किया है। इसके अलावा पुलिस और खुफिया विभाग उन विभागों को भी पत्र भेजने की तैयारी कर रही है, जहां से यह प्रमाणपत्र जारी किए गए। पुलिस इन विभागों से चारों युवकों के दस्तावेज मंगाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
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शनिवार को पुलिस और खुफिया विभाग ने चारों युवकों से पूछताछ की शुरूआत के पहले चरण में उन लोगों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, जो लोग इनकी मदद कर रहे थे। अब्दुल मजीद का आधार कार्ड झिंझाना में कैसे और किसने बनवाया। उसका पैन कार्ड और पहचान पत्र किस आधार पर बनाया गया। अधिकारियों का मानना है कि निश्चित रूप से कुछ लोगों ने अब्दुल मजीद के नाम से भारतीय दस्तावेज बनवाने में मदद की है। पहले पुलिस इन मददगारों पर शिकंजा कसेगी। इसके बाद पुलिस आधार कार्ड व पहचान पत्र बनाने वाली अथॉरिटी को भी पत्र लिखकर इस बात की जानकारी जुटाएगी कि ये दस्तावेज किस आधार पर बनाए गए। पैन कार्ड की जानकारी के लिए इनकम टैक्स विभाग को पत्र भेजकर जानकारी लेगी कि इन कागजों को बनवाने के लिए कौन से प्रमाण पत्र इस्तेमाल किए है। यह प्रक्रिया पूूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एयरपोर्ट से भी किया जाएगा संपर्क
सीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि युवकों से पूछताछ के बाद पता लगाया जाएगा कि वह किस एयरपोर्ट से भारत में आए। साथ ही उनके वीजा की अवधि समाप्त होने का कितना समय था। समय पूरा होने के बाद उनके वापसी की स्थिति क्या थी। इससे स्पष्ट हो जाएगा कि वास्तव में यह लोग कितने दिन के लिए भारत आए थेे और कितने समय से यह लोग यहां रह रहे थे। पुलिस इस संबंध में युवकों से यह भी जानकारी करने में लगी है कि उन्होंने किसकी मदद से अवैध रूप से शरणार्थी प्रमाण पत्र बनवाए। इस संबंध में शरणार्थी प्रमाण पत्र बनाने की अथॉरिटी से भी जानकारी ली जाएगी कि उक्त लोगों ने इसके लिए कौन-कौन से दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
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