शामली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के तहत सचल वाहन बीएसएम स्कूल पहुंचा। छात्र छात्राओं और अध्यापकों ने पुस्तकों का अवलोकन किया।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास माध्यमिक , उच्चतर शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आधीन शीर्ष निकाय है, जो 57 साल से पुस्तक प्रकाशन और ज्ञान के प्रसार के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था किफायती मूल्यों पर हिंदी और अंग्रेजी समेत भारत की सभी प्रमुख भाषाओं में पुस्तकें प्रकाशित करती है। पूरे देश में दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में रहने वाले पाठक वर्ग तक पुस्तकें पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास सचल वाहन में पुस्तक प्रदर्शनी की अनूठी योजना संचालित करता है।
मंगलवार को करनाल रोड स्थित बीएसएम स्कूल पहुंचे सचल वाहन में कक्षा 8 से12 तक के विद्यार्थियों को पुस्तकें देखने का अवसर दिया। विद्यार्थियों और अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक सचल पुस्तकालय में पुस्तकें देखी और अपनी मनपसंद पुस्तकें खरीदी। पुस्तकालय में लोकोपयोगी विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भारतीय साहित्य, सृजनात्मक शिक्षा, आत्म जीवन चरित्र इत्यादि विषयों पर दुर्लभ पुस्तकें देखकर विद्यार्थी चकित हुए।
स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह ने बताया भारत सरकार की योजना सराहनीय है। पुस्तकों का हमारे जीवन में महत्व है। हमें अपनी दिनचर्या में पुस्तकें पढ़ने का भी समय निकालना चाहिए।