शामली। शहर में नर्सिंग होम पर उपचार के लिए पहुंची महिला को चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद चिकित्सक द्वारा जमा कराई गई इमरजेंसी फीस वापस न करने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। भाकियू नेता कपिल खाटियान भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद चिकित्सक ने फीस वापस कर दी।
ऊन ब्लाक क्षेत्र के गांव पिंडोरा निवासी महिला सुरेश (65वर्ष) की सोमवार को तबीयत खराब हो गई। परिजन महिला को लेकर शामली के निजी अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ को महिला की तबीयत ज्यादा खराब होना बताया। स्टाफ के कहने पर परिजनों ने इमरजेंसी फीस एक हजार रुपये जमा करा दिए। इसके बाद चिकित्सक ने आकर महिला की जांच की, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। चिकित्सक ने महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत होने पर परिजनों ने इमरजेंसी की जमा की गई फीस मांगी तो चिकित्सक ने फीस देने से मना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर भाकियू के एनसीआर महामंत्री कपिल खाटियान भी अस्पताल में पहुंच गए। मामला बढ़ता देख चिकित्सक ने ली गई फीस परिजनों को लौटा दी। इसके बाद मामला शांत हुआ। बताया गया है कि पूर्व में भी निजी अस्पताल विवादों को लेकर चर्चा में रह चुका है।